bhopal holi holika dahan: भोपाल में होली की रौनक अब साफ दिखाई देने लगी है. गली-मोहल्लों में बच्चों की पिचकारियों की आवाज, दुकानों पर रंग-गुलाल की खुशबू और लोगों के चेहरों पर त्योहार की चमक. राजधानी भोपाल सहित पूरे प्रदेश में होली को लेकर माहौल पूरी तरह रंगीन हो चुका है.सोमवार को होलिका दहन होगा, लेकिन भद्रा के कारण यह दहन देर रात किया जाएगा. इसके बाद 4 मार्च को चुलेड़ी के साथ रंगों का असली जश्न मनाया जाएगा, जिसे लेकर हुरियारों की टोलियां अभी से तैयार दिख रही हैं।

bhopal holi holika dahan: सतरंगी हुआ बाजार, हर्बल गुलाल की धूम
होली के चलते शहर के बाजारों में खास चहल-पहल है। न्यू मार्केट से लेकर चौक बाजार तक अस्थायी दुकानों की कतारें सजी हैं. लोग रंग-गुलाल, पिचकारी, टोपी, सफेद टी-शर्ट और बच्चों को लुभाने वाले तमाम सामान खरीदते नजर आ रहे हैं.इस बार हर्बल गुलाल और देसी पिचकारियों की मांग ज्यादा है. व्यापारियों का कहना है कि लोग अब त्वचा और पर्यावरण को लेकर ज्यादा सजग हो गए हैं, इसलिए केमिकल रंगों की बजाय सुरक्षित विकल्प चुन रहे हैं।
bhopal holi holika dahan: गोकाष्ठ से जलेगी होली
इस बार कई इलाकों में होलिका दहन के लिए गोकाष्ठ का उपयोग किया जा रहा है। आयोजकों का कहना है कि यह परंपरागत और पर्यावरण के लिहाज से बेहतर विकल्प है.होलिका दहन की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। मोहल्लों में लकड़ी सज चुकी है और देर रात के मुहूर्त को लेकर लोग सतर्क दिख रहे हैं।
सुरक्षा को लेकर अपील
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने होली पर्व पर लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि होलिका दहन बिजली लाइनों, ट्रांसफार्मर या पोल के नीचे न करें.मंत्री ने चेताया कि थोड़ी-सी लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है. साथ ही व्यापारियों से भी आग्रह किया गया है कि अस्थायी दुकानों की रोशनी के लिए नियमानुसार कनेक्शन लें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
आत्मनिर्भर भारत की छाप
इस बार होली बाजार में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। जहां पहले विदेशी सामानों की भरमार रहती थी, वहीं अब देसी और स्थानीय उत्पाद ज्यादा नजर आ रहे हैं.व्यापारियों के अनुसार यह बदलाव आत्मनिर्भर भारत की सोच का नतीजा है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार बढ़ावा दे रहे हैं। इसका सीधा फायदा छोटे उद्योगों और स्थानीय कारीगरों को मिल रहा है।

आज देर रात होगा होलिका दहन
ज्योतिष विद्वानों के अनुसार भद्रा और चंद्र ग्रहण के चलते होलिका दहन का मुहूर्त देर रात तय किया गया है. सोमवार रात 12:50 से 2:02 बजे के बीच भद्रा के पुछ काल में होलिका दहन सबसे शुभ माना गया है.3 मार्च को चंद्रग्रहण के कारण रंग नहीं खेला जाएगा, जबकि 4 मार्च को पूरे उत्साह के साथ रंगभरी होली मनाई जाएगी. राजधानी पूरी तरह तैयार है, बस देर रात की अग्नि के साथ रंगों के पर्व का आगाज़ होना बाकी है।
