DSP cash theft Bhopal : भोपाल से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां एक महिला डीएसपी (डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस) पर अपने ही दोस्त के घर से 2 लाख रुपए नकद और एक मोबाइल फोन चोरी करने का आरोप लगा है। यह मामला तब सार्वजनिक हुआ जब घर में लगे सीसीटीवी फुटेज में महिला अफसर को पैसे की गड्डी लेकर बाहर निकलते हुए देखा गया।
घटना का विवरण
मामला भोपाल के अरेरा कॉलोनी का बताया जा रहा है। शिकायत के अनुसार महिला डीएसपी अपने परिचित के घर निजी मुलाकात के लिए पहुंचीं थीं। घर में दोनों के बीच सामान्य बातचीत हुई, जिसके बाद पीड़ित महिला ने बताया कि उसके पास 2 लाख रुपए थे जो घर की दराज में रखे थे।
कुछ देर बाद जब दोस्त को पैसे नहीं मिले, उसने घर का सीसीटीवी देखा। वीडियो में महिला डीएसपी को हाथ में नोटों की गड्डी लिए घर से निकलते हुए स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। इसके बाद पीड़िता ने तुरंत पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई।
सीसीटीवी फुटेज
सीसीटीवी फुटेज वायरल होते ही मामला सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया। फुटेज में महिला डीएसपी के हाथ में रुपए की गड्डी दिखाई दे रही है और घर से बाहर निकल रही हैं। चर्चा यह भी है कि वह अफसर लंबे समय से पीड़िता की परिचित थीं और कई बार उसके घर आ-जा चुकी थीं।
इस फुटेज के सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने खुद संज्ञान लिया और जांच के आदेश दे दिए हैं। फिलहाल संबंधित डीएसपी को मुख्यालय से अटैच कर दिया गया है।
विभागीय जांच के आदेश
भोपाल पुलिस आयुक्त ने कहा कि यह घटना बेहद गंभीर है और अगर आरोप साबित होते हैं तो यह पुलिस की साख को ठेस पहुंचाने वाला मामला होगा। उन्होंने कहा कि प्रकरण की जांच वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई है और तकनीकी सबूतों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मोबाइल लौटा दिया, 2 लाख कैश नहीं दिए
पुलिस ने प्राथमिक जांच के बाद डीएसपी कल्पना रघुवंशी के खिलाफ चोरी की धाराओं में एफआईआर दर्ज की। भनक लगते ही महिला अधिकारी ने सहेली का मोबाइल तो लौटा दिया, लेकिन दो लाख नकद अब तक नहीं लौटाए हैं। महिला डीएसपी की गिरफ्तारी भी नहीं की जा सकी है। वह अंडरग्राउंड हो गई है।
विभाग में मचा हड़कंप
डीएसपी पर आरोप लगने के बाद पूरे पुलिस विभाग में हलचल मच गई है। साथी अधिकारी इस घटना से शर्मिंदा हैं और विभाग की प्रतिष्ठा बचाने की बात कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी लोग पुलिस विभाग की ईमानदारी और नैतिक जिम्मेदारी पर सवाल उठा रहे हैं।
भोपाल की यह घटना सवाल खड़े करती है कि कानून की रक्षा करने वाले ही अगर कानून तोड़ें, तो जनता का भरोसा किस पर रहेगा। फिलहाल जांच जारी है, लेकिन यह मामला राज्य पुलिस विभाग के लिए गंभीर नैतिक परीक्षा बन गया है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या सच्चाई सामने आती है और न्याय किस दिशा में आगे बढ़ता है।
