Bhopal drug and sexual exploitation case : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बीते महीनों में एक बड़े ड्रग्स और यौन शोषण गैंग का पर्दाफाश हुआ, जिसमें शारिक मछली समेत उसके कई सहयोगियों के खिलाफ गंभीर आरोप लगे हैं। इस गैंग ने शहर के पब, क्लब, जिम और कॉलेजों में ड्रग्स का जाल बिछाकर युवतियों को अपना शिकार बनाया। पुलिस की जांच में सामने आया कि मछली परिवार के कई सदस्य नशे का कारोबार और यौन शोषण के मामलों में संलिप्त हैं.
ड्रग्स के जाल में फंसी जिंदगी
यासीन मछली और उसके चाचा शाहवर द्वारा संचालित पबों में युवतियों को फ्री में नशा देकर उनका यौन शोषण किया जाता था। पुलिस जांच में कई मोबाइल वीडियो मिले जिसमें शिकार बनी लड़कियों के साथ की गयी दरिंदगी दर्ज है। इन वीडियो का इस्तेमाल पीड़िताओं को ब्लैकमेल करने के लिए किया जाता था। इसी दौरान यह भी सामने आया कि पीड़िताओं में अन्य धर्मों की लड़कियां भी शामिल थीं, जिससे ‘लव जिहाद’ जैसे एंगल की भी पुलिस जांच कर रही है.
राजनीतिक संबंध और प्रशासनिक कार्रवाई
शारिक मछली गिरोह के प्रभावित क्षेत्र में राजनीतिक दबदबे के चलते इनके खिलाफ एफआईआर भी मुश्किल मानी जाती थी। ठोस सबूतों और उच्चस्तरीय दखल के बाद हाल में प्रशासन ने कई बड़ी कार्रवाई की – अवैध कोठियां गिराना, संपत्ति जब्त करना और गैंग के प्रमुख सदस्यों की गिरफ्तारी। इस परिवार के 14 सदस्यों पर 60 से अधिक गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें ड्रग्स तस्करी, अवैध हथियार, भूमि कब्जा, युवतियों का शोषण तथा हत्या का प्रयास शामिल है.
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जमीन कब्जे का मामला गर्माया
इतना ही नहीं, हाल ही में उजागर हुआ कि मछली गैंग ने राजधानी की 99 एकड़ सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा जमाया हुआ था। इस मामले की जांच तेज कर दी गई है और प्रशासन ने जमीन की कॉलोनी का सीमांकन कर 20 आरोपियों को नोटिस भेजे हैं। कई मकान अगले दिनों में ध्वस्त किए जाने की प्रक्रिया में हैं। इस अवैध कॉलोनी में अधिकारी और रसूखदार लोगों की मिलीभगत भी जांच के दायरे में है.
Bhopal drug and sexual exploitation case : अदालत में सुनवाई, दबंगई जारी
मछली गैंग के आतंक और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद अब जमीन कब्जे और यौन शोषण के संगीन मामलों की सुनवाई अदालत में चल रही है। आज कोर्ट में जमीन कब्जे से जुड़े अहम सबूत पेश किए जाएंगे। हालिया दबिशों के बावजूद शारिक मछली के कुछ गुर्गो का स्थानीय क्षेत्रों में दबदबा बरकरार है, जिससे आम लोग अभी भी डरे हुए हैं। मुख्यमंत्री और सांसदों ने ऐसे माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है.
भोपाल का यह ड्रग्स और यौन शोषण रैकेट न सिर्फ अपराध जगत की भयावहता दिखाता है, बल्कि इसमें प्रशासन, राजनीति और कानून व्यवस्था की चुनौतियां भी उजागर होती हैं। शारिक मछली और उसके गुर्गो के खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाई कितनी प्रभावी सिद्ध होती है, यह आने वाले दिनों में और स्पष्ट होगा.
