
फैक्ट्री का गुप्त संचालन
यह अवैध फैक्ट्री भोपाल के जगदीशपुर क्षेत्र में चारों ओर से ढकी हुई थी, ताकि इसकी गतिविधियां किसी को नजर न आएं। फैक्ट्री में मेफेड्रोन बनाने वाले एक केमिस्ट सहित दो व्यक्तियों को अवैध उत्पादन प्रक्रिया में रंगे हाथों पकड़ा गया। डीआरआई को खुफिया जानकारी मिली थी कि यह कारखाना विदेशी ड्रग सरगना के इशारे पर संचालित हो रहा था। जांच में पता चला कि फैक्ट्री को जानबूझकर गुप्त रखने के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया था।

Bhopal DRI Drug Bust: मल्टी-स्टेट ऑपरेशन
डीआरआई ने मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और उत्तर प्रदेश में छापेमारी की। इस कार्रवाई में कार्टेल के सात बड़े सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। उत्तर प्रदेश के बस्ती से कार्टेल का एक अहम सदस्य पकड़ा गया, जो मुंबई से भोपाल तक कच्चे माल की सप्लाई का काम देखता था। मुंबई में दो सप्लायर और एक ट्रांसपोर्टर को भी हिरासत में लिया गया। सूरत से कार्टेल का एक करीबी साथी गिरफ्तार किया गया, जो हवाला के जरिए भोपाल में पैसा पहुंचाने में शामिल था।

ड्रग कार्टेल का नेटवर्क
जांच से पता चला कि यह कार्टेल विदेशी ड्रग सरगना के निर्देशों पर काम कर रहा था। हवाला के जरिए सूरत और मुंबई से भोपाल में फंडिंग की जा रही थी। कार्टेल का नेटवर्क मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ था। डीआरआई ने इस नेटवर्क के वित्तीय लेन-देन और सप्लाई चेन की जांच शुरू कर दी है, ताकि इसके अन्य सदस्यों और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शनों का पता लगाया जा सके। जब्त किए गए कच्चे माल में मेफेड्रोन उत्पादन के लिए आवश्यक केमिकल्स और उपकरण शामिल थे।
