BHOPAL CRIME: भोपाल स्थित साइंस हाउस मेडिकल प्राइवेट लिमिटेड (SHMPL) पर आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई में टैक्स चोरी और फर्जी बिलिंग का जाल सामने आया है। जांच के दौरान कंपनी के संचालक जितेंद्र तिवारी और उनके परिजनों से जुड़े ठिकानों से एक करोड़ रुपये नकद जब्त किए गए हैं, जबकि 20 बैंक लॉकर सील किए गए। आयकर अफसर इन लोगों के बैंक खातों में जमा बड़ी रकम के स्रोतों की जांच कर रहे हैं। नकदी और ज्वेलरी के वेरिफिकेशन के लिए बैंक अधिकारियों को भी बुलाया गया है।

BHOPAL CRIME: खरीद-बिक्री की और टैक्स चोरी को अंजाम दिया
यह कार्रवाई सिर्फ भोपाल तक सीमित नहीं रही। विभाग ने इंदौर, मुंबई और अन्य शहरों में 30 से अधिक स्थानों पर छापे मारे हैं। यह छापेमारी अभी भी जारी है। जांच में सामने आया है कि SHMPL ने कई फर्जी कंपनियों के नाम पर बोगस सप्लाई दिखाकर भुगतान लिया है। संचालकों ने इन शेल कंपनियों में खुद या परिजनों को डायरेक्टर बनाकर कागजी खरीद-बिक्री की और टैक्स चोरी को अंजाम दिया।
BHOPAL CRIME: रियल एस्टेट में निवेश की भी पुष्टि हुई है
आयकर अधिकारियों को मेडिकल उपकरण कारोबारी राजेश गुप्ता के यहां से विदेशी कारोबार से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। लालघाटी स्थित उनके आवास से मिले कागजों में चाइना से कनेक्शन के संकेत हैं। अब इस पूरे मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एंट्री भी तय मानी जा रही है। आय से अधिक संपत्ति मामले में इन व्यापारियों द्वारा रियल एस्टेट में निवेश की भी पुष्टि हुई है।
BHOPAL CRIME: डीजी बिजॉय कुमार पांडा ने अंजाम दिया

जांच में यह भी सामने आया है कि इन कारोबारियों के रिटायर्ड आईएएस अधिकारियों से गहरे संबंध रहे हैं। इन्हीं के जरिए इन्हें नियमों को ताक पर रखकर स्वास्थ्य विभाग से बड़े सप्लाई ऑर्डर मिलते रहे। विभाग अब इन अफसरों की भूमिका भी खंगाल रहा है। बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई की योजना पूर्व इन्वेस्टिगेशन डीजी ने बनाई थी, लेकिन तबादले के कारण इसे मौजूदा डीजी बिजॉय कुमार पांडा ने अंजाम दिया।
BHOPAL CRIME: पूछताछ और सख्त कार्रवाई की जाएगी
आयकर विभाग की यह कार्रवाई देश के सरकारी अस्पतालों में दवा और उपकरण सप्लाई करने वाली कंपनियों के नेटवर्क को उजागर करती है, जहां फर्जीवाड़ा कर करोड़ों का गबन किया जा रहा था। भारी मात्रा में टैक्स चोरी के दस्तावेज बरामद हुए हैं और इनकी बारीकी से जांच के बाद विस्तृत रिपोर्ट CBDT को सौंपी जाएगी। इसके आधार पर दोषियों से पूछताछ और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
