Bhopal College Students Rape Scandal : भोपाल कांड की पीड़िता रोंगटे खड़े कर देने वाली आपबीती
Bhopal College Students Rape Scandal : राजधानी भोपाल में हिंदू युवतियों को गिरोह बनाकर प्रेमजाल में फंसाने और फिर दुष्कर्म के मामले में पीड़िता की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर में रोंगटे खड़े कर देने वाली जानकारी सामने आई है. पीड़िता ने पुलिस को बताया है कि कैसे उसे और उसकी बहन को मजबूर किया गया
देश के दिल में हैवानियत
भोपाल के हेवान हिंदू युवतियों को गिरोह बनाकर प्रेमजाल में फंसाने और फिर दुष्कर्म के मामले में पीड़िता की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर में रोंगटे खड़े कर देने वाली जानकारी सामने आई है. पीड़िता ने पुलिस को बताया है कि कैसे उसे और उसकी बहन के साथ मारपीट से लेकर गांजा पीने और नानवेज खाने तक के लिए मजबूर किया गया.एफआईआर में साफ लिखा है कि पहले तो फरहान ने बड़ी बहन से संबंध बनाए, बाद में उसकी छोटी बहन से भी दबाव बनाकर संबंध बनाए. इसमें उसके कई दोस्तों का भी हाथ रहा, जिन्होंने हर तरफ से दबाव बनाकर छोटी बहन को भी फरहान के साथ संबंध बनाने पर मजबूर किया.
ऐसे शुरू हुआ सिलसिला
FIR में पीड़िता ने बताया कि वह रायसेन रोड के एक प्राइवेट कॉलेज में पढ़ती थी. फर्स्ट ईयर में उसकी दोस्ती फरहान से हुई और धीरे-धीरे दोनों में बहुत बात होने लगी. अप्रैल 2022 में फरहान पीड़िता को जहांगीराबाद स्थित एक घर ले गया, जो उसके दोस्त हामिद का था. यहां उसने दुष्कर्म किया और इसी दौरान वीडियो बना लिया.
धर्म परिवर्तन का दबाव,वीडियो वायरल करने की धमकी
इसके बाद फरहान ने धर्म परिवर्तन का दबाव बनाना शुरू किया. उसने और उसके दोस्तों ने पीड़िता पर रोज़े रखने का दबाव भी बनाया और जबरदस्ती नॉनवेज खिलाया. यही नहीं, आरोपी इसके बाद पीड़िता को बुर्के में रहने को भी कहने लगा और एक बार पीड़िता ने बुर्के में फोटो भी भेजी थी. पीड़िता ने बकायदा आरोपी और उसके दोस्तों के साथ हुए चैट्स भी पुलिस को सौंपे हैं. आरोपी पीड़िता को लगातार वीडियो वायरल करने की धमकी देता रहा, जिसके बाद पिछले साल सितंबर के महीने में पीड़िता आरोपी फरहान के साथ उसके दोस्त अबरार के घर गई, जहां फिर दुष्कर्म किया गया.
ऐसे पकड़े गए आरोपी
खबर के मुताबिक, इस पूरे मामले की जानकारी पुलिस को एक युवक के जरिए मिली, जिससे पीड़िता ने एक दिन बात करते हुए अपनी आपबीती साझा की थी. युवक ने पुलिस को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस ने पहले पीड़िता की कई दिनों तक काउंसलिंग की. जब पीड़िता को यकीन हो गया कि उसकी पहचान उजागर नहीं होगी, तब उसने एफआईआर दर्ज कराई. इसके बाद पुलिस ने पहले गुपचुप तरीके से सभी आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की, उन पर नज़र रखी और मौका मिलते ही उन्हें पकड़कर सबसे पहले उनके फोन जब्त किए, ताकि पकड़े जाने से पहले आरोपी वीडियो वायरल न कर दें.
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