भोजपाल महोत्सव भोपाल: राजधानी भोपाल के भेल दशहरा मैदान में चल रहे भोजपाल महोत्सव मेला 2025 अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रहा है। 1 जनवरी तक चलने वाले इस मेले में रोजाना शहर और आसपास के क्षेत्रों से लाखों लोग परिवार और दोस्तों के साथ मेला देखने पहुंच रहे हैं।
भोजपाल महोत्सव भोपाल: स्वाति मिश्रा की मधुर प्रस्तुति ने मंत्रमुग्ध किया
मेला अध्यक्ष सुनील यादव ने बताया कि सांस्कृतिक मंच पर आज का मुख्य आकर्षण रही भजन गायिका स्वाति मिश्रा। उन्होंने अपने भजनों की शुरुआत “राम आएंगे तो अंगना सजाउंगी” से की और इसके बाद मंच पर प्रस्तुत किया: “नगरी हो अयोध्या सी, रघुकुल सा घराना हो, मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है…
भोजपाल महोत्सव भोपाल: सिंगर स्वाति की शानदार परफॉरमेंस
स्वाति मिश्रा ने साथ ही भोजपुरी गीतों और भजनों की सुमधुर प्रस्तुति दी, जैसे “रामा रामा रटते रटते बीती रे उमरिया”, “कब आयोगे रघुकुल नंदन भीलन की झोपड़िया” और “रामजी से पूछे जनकपुर की नारी, मिथिला का कण कण खिला”।
सोशल मीडिया से मिली राष्ट्रीय पहचान
बिहार के सारण जिले के माला गांव की रहने वाली स्वाति मिश्रा को उनके भजन “राम आएंगे” से असली पहचान मिली। यह भजन सोशल मीडिया पर इतना वायरल हुआ कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसकी प्रशंसा की और अपने सोशल मीडिया हैंडल पर साझा किया।
मंच पर दर्शकों की भीड़ और उत्साह
स्वाति मिश्रा के मंच पर आते ही लोग उनके भजनों की डिमांड करने लगे, और दर्शक “राम आएंगे तो अंगना सजाउंगी” तथा “मेरी झोपड़ी के भाग आज खुल जाएंगे” जैसे लोकप्रिय भजनों को सुनने के लिए उत्साहित दिखाई दिए। भोजपुरि समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में मंच के सामने जाकर उनका आनंद लिया।
भोजपाल महोत्सव: संस्कृति और मनोरंजन का संगम
भोजपाल महोत्सव मेला सिर्फ मनोरंजन का ही नहीं, बल्कि संस्कृति और परंपरा का भी उत्सव है। भजनों, लोकगीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से यहाँ के संगीत प्रेमियों ने एक यादगार अनुभव का आनंद लिया। मेले की हर शाम रंग-बिरंगी रोशनी और सांस्कृतिक गतिविधियों से जीवंत हो उठती है, जिससे यह मेला पूरे शहर के लिए उत्सव का केंद्र बन गया है।
