राजधानी के भेल दशहरा मैदान पर आयोजित भोजपाल महोत्सव मेला रविवार रात को एक बार फिर रंग और संगीत की महफिल बन गया। सांस्कृतिक मंच पर सूफी गजल के लोकप्रिय गायक कुमार सत्यम ने अपनी मधुर आवाज़ से दर्शकों का मन मोह लिया।
गजलों की शुरुआत और मंच की रौनक
गायक कुमार सत्यम मंच पर आए, और तुम्हारी दौलत नई है जैसी गज़ल से शुरुआत हुई। फिर एक के बाद एक गीत तुम्हारी याद याद याद आती है, “हम तेरे शहर में आए हैं मुसाफिर की तरह, आज फिर दिल ने एक तमन्ना की, चांदी जैसा रंग है तेरा, मंच को गुलजार कर दिया।
तभी “हमरी अटरिया” की ठुमरी ने लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। तालियों की गड़गड़ाहट, हाथों की ताल से उठती आवाज़ें बस, सात सुरों, एक आवाज़, और दर्शकों का सच्चा उत्साह।
भोजपाल महोत्सव: मंत्री प्रहलाद पटेल रहे मौजूद
इस सांस्कृतिक महफ़िल के शुरूआत में, पंचायत‑और‑ग्रामीण‑विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। मेलनायकों में सुनील यादव, विकास वीरानी, हरिश नामदेव, अखिलेश नगर सहित कई लोग मौजूद थे।
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मेले में लोगों का उमड़ा हूजूम
रविवार की रात, मेला देखने परिवार- दफ्तर-दोस्तों के साथ लगभग डेढ़ लाख लोग उमड़ आए थे. चारों ओर चहल‑पहल, हंसी‑खुशी, संगीत, और मिलन सब कुछ था। भोजपाल महोत्सव का मंच पूरी तरह से सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और रंगीन आकर्षणों से गुलजार रहा। दर्शक गायन, ठुमरी और गजल के संगम में खोकर रात का आनंद उठाते नजर आए।
