Bhopal Bhoj Narmada Dwar: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के होशंगाबाद रोड पर समरधा में भोज-नर्मदा द्वार का निर्माण जल्द शुरू होगा। इसके लिए रविवार सुबह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधिवत भूमिपूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने नगर निगम, भोपाल द्वारा नीमच में स्थापित 10 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र के प्रथम चरण का भी लोकार्पण किया। यह परियोजना नगर निगम की पर्यावरण संरक्षण और नवीकरणीय ऊर्जा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। कार्यक्रम में प्रदेश के वरिष्ठ मंत्री, सांसद, विधायक और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए।
आकर्षण का केंद्र बनेगा द्वार
भोज-नर्मदा द्वार के निर्माण से भोपाल की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को नया आयाम मिलेगा। यह द्वार होशंगाबाद रोड पर शहर के प्रवेश द्वार के रूप में स्थापित होगा, जो न केवल सौंदर्यीकरण को बढ़ावा देगा, बल्कि पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए एक आकर्षण का केंद्र भी बनेगा। नगर निगम, भोपाल ने शहर के दो प्रमुख मार्गों पर भव्य द्वार बनाने की योजना तैयार की है। पहला द्वार, भोज-नर्मदा द्वार, होशंगाबाद रोड पर बनाया जा रहा है, जबकि दूसरा द्वार, विक्रमादित्य द्वार, इंदौर-भोपाल रोड पर प्रस्तावित है। दोनों परियोजनाओं के लिए निगम परिषद की बैठक में प्रस्ताव पारित हो चुका है। भोज-नर्मदा द्वार का भूमिपूजन हो चुका है, और विक्रमादित्य द्वार के लिए जल्द ही प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
मंत्री विधायक रहे मौजूद
कार्यक्रम में मध्य प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, विश्वास सारंग, कृष्णा गौर, सांसद आलोक शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा, भगवानदास सबनानी, भोपाल की महापौर मालती राय, निगम अध्यक्ष कैलाश सूर्यवंशी और बीजेपी जिलाध्यक्ष रविंद्र यति सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भोपाल के विकास के लिए नगर निगम के प्रयासों की सराहना की और कहा कि भोज-नर्मदा द्वार शहर की सांस्कृतिक विरासत को संजोने का एक महत्वपूर्ण कदम है।
Read More: BETUL NEWS: बैतूल में सिविल डिफेंस वॉलेंटियर्स को आपदा प्रबंधन का विशेष प्रशिक्षण
Bhopal Bhoj Narmada Dwar: सौर ऊर्जा संयंत्र का लोकार्पण
साथ ही, नीमच में स्थापित 10 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र का लोकार्पण भी इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा। यह संयंत्र नगर निगम, भोपाल की सौर ऊर्जा परियोजना के प्रथम चरण का हिस्सा है, जो स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देगा और शहर की बिजली जरूरतों को पूरा करने में सहायक होगा। इस परियोजना से न केवल ऊर्जा लागत में कमी आएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
समरधा में भोज-नर्मदा द्वार बनेगा
भोज-नर्मदा द्वार और विक्रमादित्य द्वार के निर्माण से भोपाल की सौंदर्यता और ऐतिहासिक महत्व को नई पहचान मिलेगी। ये द्वार न केवल शहर के प्रवेश मार्गों को भव्य बनाएंगे, बल्कि मध्य प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी प्रदर्शित करेंगे। भोज-नर्मदा द्वार का डिज़ाइन नर्मदा नदी और राजा भोज की ऐतिहासिक विरासत से प्रेरित होगा, जबकि विक्रमादित्य द्वार सम्राट विक्रमादित्य की गौरवशाली परंपरा को दर्शाएगा।
