bhopal berasia road accident family dead makar sankranti : मकर संक्रांति के पावन अवसर पर नर्मदा स्नान के लिए निकला एक परिवार कभी यह नहीं सोच सकता था कि उनकी यात्रा आखिरी साबित होगी. भोपाल के बैरसिया इलाके में देर रात हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया.
एक ही परिवार के पांच लोगों की गई जान
राजधानी भोपाल के ग्रामीण क्षेत्र बैरसिया थाना अंतर्गत बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात पिकअप वाहन और ट्रैक्टर-ट्रॉली की आमने-सामने टक्कर में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि 12 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह
हादसा बैरसिया क्षेत्र में ठाकुर लाल सिंह स्कूल के पास हुआ। जानकारी के अनुसार, विदिशा जिले के सिरोंज थाना क्षेत्र से अहिरवार परिवार के 15 सदस्य एक लोडिंग वाहन में सवार होकर मकर संक्रांति पर नर्मदापुरम में नर्मदा स्नान के लिए जा रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रही ट्रैक्टर-ट्रॉली से पिकअप की जोरदार भिड़ंत हो गई. टक्कर इतनी भीषण थी कि लोडिंग वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। कई लोग वाहन के अंदर ही फंस गए, जिन्हें पुलिस और स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला।
जिन लोगों की मौत हुई
- लक्ष्मीबाई अहिरवार
- बबली बाई
- हरिबाई
- दीपक अहिरवार
- मुकेश अहिरवार
बैरसिया अस्पताल में चल रहा घायलों का इलाज
हादसे में घायल हुए अहिरवार परिवार के सूरज, विनीता, पुनीत, मोनिका, महक, नूरी बाई, लल्लू, प्रदीप और ज्योति का बैरसिया अस्पताल में इलाज जारी है। ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार दो लोग भी घायल हुए हैं। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
प्रशासन मौके पर, जांच जारी
घटना की सूचना मिलते ही बैरसिया एसडीएम आशुतोष शर्मा, विधायक विष्णु खत्री और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीरज चौरसिया देर रात अस्पताल पहुंचे और घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए. बैरसिया थाना प्रभारी वीरेन्द्र सेन ने बताया कि प्रथम दृष्टया हादसे की वजह लोडिंग वाहन की तेज रफ्तार मानी जा रही है। फिलहाल घायलों के बयान नहीं हो सके हैं। हालत में सुधार के बाद उनके बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
bhopal berasia road accident family dead makar sankranti: गांव में पसरा मातम
हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के गांव में मातम पसर गया। मकर संक्रांति का त्योहार, जो खुशियों और आस्था का प्रतीक माना जाता है, इस परिवार के लिए कभी न भरने वाला जख्म बन गया।
