Bhopal Famous Lord Shiva Temples: सावन मास को भगवान शिव की आराधना का सबसे शुभ और फलदायक महीना माना जाता है। इस पावन समय में भक्तजन व्रत रखते हैं, शिवलिंग पर रुद्राभिषेक करते हैं और जल-दूध अर्पित करके भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
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आपको बता दें कि, भगवान शिव के कई नाम है, और इन्हे मृत्यु के देवता भी कहा जाता है। लेकिन वे केवल विनाशकारी शक्ति ही नहीं बल्कि आध्यात्मिक चेतना और वैराग्य के प्रतीक भी हैं। ऐसे में हम आपको आज भोपाल के 5 प्रसिद्ध भगवान शिव मंदिरों के बारें में बताएंगे।
भोजेश्वर मंदिर (भोजपुर)
रायसेन जिले में भोजपुर मंदिर स्थित है, जो कि भोपाल से 30 किलोमीटर दूर है। बताया जाता है कि यहां विराजमान शिवलिंग एशिया के सबसे बड़े शिवलिंग हैं, इनकी लंबाई 21.5 फिट है और इसका व्यास 17 फिट का है। यह मंदिर अधूरा बताया जाता है।

इस मंदिर की स्थापना के पीछे दो मान्ताएं और रहस्य है। एक मान्यता यह है कि इस मंदिर को भोजपुर के राजा ने बनावाया उन्होंने एक दिन में मंदिर बनवाने का संकल्प लिया था, लेकिन एक दिन में पूरा नहीं बन सका, दूसरी कथा यह है कि यह मंदिर पांडवो ने अपने अज्ञातवास के दौरान माता कुंती के पूजन हेतु बनाया था।
यहां भारी संख्या में श्रद्धालु भगवान के दर्शन करने आते हैं।

बड़वाले महादेव मंदिर ( कायस्थपुरा, भोपाल)
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कायस्थपुरा क्षेत्र में स्थित श्री बड़वाले महादेव मंदिर भोपाल का बहुत पुराना मंदिर है, यह मंदिर लगभग 400 साल पुराना है। यहां हर रोज नियमित रुप से पूजा की जाती है। और इस मंदिर को भोपाल का सबसे पुराना मंदिर कहा जाता है। इस मंदिर की खास बात यह है कि इसमें शिवलिंग बड़ के पेड़ में विराजमान हैं।

बताया जाता है कि, यहां लगभग 400 साल पहले जंगल हुआ कता था और यहां कई तरह के पौधे लगे हुए थे। और एक दिन एक साधु बड़ के वृक्ष के नीचे विश्राम कर रहे थे तभी उन्होंने जैसे करवट ली तो उनका सर जड़ में स्थित एक सिला से टकरा गया और जब वहां की मिट्टी हटाई गई तो वहां शिवलिंग दिखाई दिए, जिसके दर्शन के बाद साधु ने यह जानकारी श्रद्धालुओं और भक्तों को दी।
फिर वहां खुदाई की गई तो उस पौधे से शिवलिंग प्रकट हुए और फिर उनको विधिवत रुप से उनकी स्थापना कराई गई। तब से ही उनकी हर रोज पूजा होती है।
गुफा मंदिर (लालघाटी क्षेत्र)
गुफा मंदिर, भोपाल के लालघाटी क्षेत्र में स्थित एक प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है, जो भगवान शिव को समर्पित है। यह मंदिर अपनी प्राकृतिक गुफाओं के लिए जाना जाता है, जिनमें से एक में भगवान शिव का प्राकृतिक रूप से प्रकट शिवलिंग (पिंडी) है, जो हमेशा पानी से घिरा रहता है। यह मंदिर न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि अपने शांत वातावरण और प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी प्रसिद्ध है।

माना जाता है कि यहां श्रद्धा से हुई प्रार्थना से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, यहां रुद्राभिषेक, आरती और सावन में मेला लगता है।
मनकामेश्वर मंदिर (नेवरी)
मनकामेश्वर मंदिर, जिसे नेवरी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, भोपाल के लालघाटी क्षेत्र में स्थित एक प्राचीन शिव मंदिर है। यह मंदिर 18वीं शताब्दी का बताया जाता है और 150 साल से भी अधिक पुराना है। स्थानीय लोगों का मानना है कि भगवान भोलेनाथ स्वयं यहां प्रकट हुए थे, और इसी कारण इस मंदिर का नाम मनकामेश्वर पड़ा, क्योंकि यहां भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

यहां बेलपत्र, भस्म, दूध-जल से अभिषेक किया जाता है, साथ ही रात्रि जागरण और सामूहिक भजन का आयोजन भी होता है।
पशुपतिनाथ मंदिर (नेवरी)
भोपाल में नेवरी इलाके में पशुपतिनाथ मंदिर स्थित है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और भोपाल के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। यहां रुद्राभिषेक विधि में पंचामृत, भस्म-बेलपत्र से विशेष पूजन होता है। सावन में सोमवार को विशेष मेला आयोजित होता है।

कहा जाता है कि यहां की पूजा से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और जीवन में सुख-शांति आती है।
