Bhojshala Temple: धार स्थित भोजशाला मामले में आज हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में सुनवाई होगी। बता दें की 23 फरवरी को हुई सुनवाई में हाई कोर्ट ने सभी याचिकाकर्ताओं और प्रतिवादियों को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की सर्वे रिपोर्ट पर दो हफ्ते के भीतर अपनी आपत्तियां और सुझाव देने के निर्देश दिए थे। और दाखिल जवाबों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

सर्वे और सीमित उत्खनन किया
Bhojshala Temple: जानकारी के अनुसार ASI ने हाईकोर्ट के आदेश पर 22 मार्च 2024 से करीब 100 दिन तक परिसर और उससे 50 मीटर की परिधि में जांच, सर्वे और सीमित उत्खनन किया।
हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को निर्देशित किया कि वे ASI की 98 दिन तक चली वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट पर अपनी लिखित आपत्तियां और सुझाव अगली सुनवाई से पहले दाखिल करें।
3 हफ्ते के भीतर सुनवाई आगे बढ़ाने के निर्देश दिए
हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से अधिवक्ता विनय जोशी ने बताया की, “कोर्ट के निर्देशानुसार हम 2 सप्ताह के भीतर ASI रिपोर्ट पर अपनी आपत्तियां और सुझाव प्रस्तुत करेंगे। मामले की अगली सुनवाई 16 मार्च यानी आज होगी।”
22 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने मप्र हाई कोर्ट की इंदौर बेंच को 3 हफ्ते के भीतर सुनवाई आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। इससे पहले सर्वे के बाद की कानूनी प्रक्रिया पर कुछ समय के लिए रोक लगी थी।
बता दें कि एमपी के धार स्थित भोजशाला परिसर विवाद मामले को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ से जबलपुर प्रिंसिपल बेंच में ट्रांसफर कर दिया था।
Bhojshala Temple: ASI की रिपोर्ट में ये मिला
रिपोर्ट में 12वीं से 20वीं सदी तक के शिलालेखों के प्रमाण मिले हैं। इनमें संस्कृत-प्राकृत के साथ नागरी लिपि के लेख और अरबी-फारसी में लिखे शिलालेख शामिल हैं।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यह स्थल अलग-अलग कालखंडों में धार्मिक, शैक्षिक और सामाजिक उपयोग में रहा। ब्रिटिश काल से लेकर अब तक इसके संरक्षण के प्रयासों का भी जिक्र है।
