लोगों को 48 साल पुराने जर्जर चंबल पुल से मिलेगी राहत
Bhind Signature Bridge: करीब 48 साल पहले चंबल नदी पर बने चंबल पुल अब जर्जर हो चुका है.अब इस पर नया सिग्नेचर पुल बनने जा रहा है केंद्रीय परिवहन और राजमार्ग मंत्री गडकरी ने दो साल पहले पुल निर्माण की घोषणा की थी.जिसे अब चंबल सेंचुरी और वन विभाग की मंजूरी मिल गई है.
जल्द मिलेगा नया ब्रिज
मध्य प्रदेश से उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाली मध्य प्रदेश के चंबल नदी पर 48 वर्ष पहले निर्मित जर्जर चंबल पुल से परेशान लोगों को लिए राहत की खबर हैं. जल्द मध्य प्रदेश के भिंड जिले और उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के यात्रियों को नया ब्रिज मिलने वाला है. इसे चंबल सेंचुरी व वन विभाग की मंजूरी मिल गई है. पुल बनाने के लिए चंबल सेंचुरी और वन विभाग से मंजूरी मिल चुकी है, जिसके निर्माण की घोषणा केंद्रीय मंत्री नितिन गड़कडी दो साल पहले ही कर चुके हैं.
Bhind Signature Bridge: ब्रिज निर्माण में आएगा 296 करोड़ का खर्च
मध्य प्रदेश के भिंड जिले को उत्तर प्रदेश के इटावा जिले को जोड़ने वाले नए पुल के निर्माण में कुल 296 करोड़ का खर्च आएगा. यह पुल एएससी इंफ्राटेक कंपनी बनाएगी. वर्ष 1976 निर्मित जर्जर हो चुके चंबल पुल ओवरलोडिंग वाहनो की बजह से 21 बार क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जो यात्रियों के लिए जानलेवा बन चुका है. 48 साल पुराने जर्जर हो चुके चंबल ब्रिज से दोनों राज्यों के बीच व्यापारिक गतिविधि भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा था, जिसके चलते नए पुल के निर्माण को लेकर मांग होने लगी थी.
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इटावा जाने के लिए करना पड़ता था 80 किमी का सफर
जर्जर चंबल पुल की अवस्था ऐसी थी कि वहां से हैवी ट्रक और डंपर का गुजरना मुश्किल थ. ऐसे में यूपी जाने वाले यात्रियों समेत हैवी ट्रक और डंपरों को चकरनगर और उरई होते हुए लगभग 80 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय कर कानपुर होते हुए, इटावा जाना पड़ता था. इसको देखते हुए केंद्रीय मंत्री गड़करी ने नए सिग्नेचर ब्रिज के निर्माण को मंजूरी दी थी.
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एनओसी नहीं मिलने से 2 सालों से अटका था काम
ब्रिज के निर्माण को 2 साल पहले ही मंजूरी मिल चुकी थी, लेकिन मध्य प्रदेश की चंबल सेंचुरी और यूपी वन विभाग द्वारा निर्माण को लेकर एनओसी नहीं दिए जाने से नए पुल का काम अटका हुआ था, लेकिन अब चंबल सेंचुरी और वन विभाग स्वीकृति दे दी है, जिससे अब नए पुल बनने का रास्ता साफ हो गया है. भिंड-इटावा के बीच चंबल नदी पर बनने वाले नए सिग्नेचर ब्रिज को भविष्य की जरूरतों को देखते हुए फोरलेन बनाया जाएगा. पुल बनाने के लिए एएससी इंफ्राटेक कंपनी द्वारा शुरुआती तैयारी कर ली गई हैं, जिसमें 800 मीटर के क्षेत्र में सर्वे प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है. अब अगले एक महीने के अंदर पुल निर्माण की प्रक्रिया शुरु कर दी जाएगी.
MP News: सिग्नेचर ब्रिज जुड़ेगा अटल प्रोग्रेस वे
नए ब्रिज के निर्माण होने से दोनों राज्यों के बीच आवागमन सुलभ होगा. इससे दोनों राज्यों में व्यापार को बढ़ावा मिलेगा. इसके साथ ही एमपी की ओर से स्वीकृत अटल प्रोग्रेस वे नए पुल के जरिए सीधे बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे से जुड़ेगा, जिससे भिंड-इटावा को हाइवे कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा.
