सर्वे में भिंड को मिला दूसरा स्थान, पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने उठाए सवाल
Bhind police controversy 2025: मध्यप्रदेश के भिंड जिले की पुलिसिंग को हाल ही में एक सर्वे में दूसरा स्थान दिए जाने की खबर पर पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे हास्यास्पद और सच्चाई से परे बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर यह सर्वे किसने और किस आधार पर किया?

रेत माफिया और पुलिस की मिलीभगत का आरोप
डॉ. गोविंद सिंह ने कहा कि भिंड जिले में पिछले डेढ़ साल से कोई वैध रेत का ठेका नहीं है। इसके बावजूद खुलेआम सैकड़ों ट्रैक्टर और डंपर रेत को उत्तर प्रदेश भेज रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें पुलिस और रेत माफिया की सीधी मिलीभगत है। सोशल मीडिया पर वसूली के कई वीडियो वायरल हो चुके हैं।
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भिंड में बढ़ते अपराधों पर चिंता
भिंड जिले में हत्या और सड़क दुर्घटनाओं की घटनाएं सबसे अधिक बताई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि भिंड में अराजकता का माहौल है और पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है। उन्होंने लहार SDOP की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि वह अपराधों पर अंकुश लगाने में विफल रहे हैं।

भाजपा संरक्षित गुंडों पर गंभीर आरोप
पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने एक मामले का जिक्र करते हुए बताया कि अजनार निवासी अरुण सिंह के बेटे से 80 लाख रुपये के लेन-देन का मामला पुलिस के पास गया था। पीड़ित को बैंक के माध्यम से पैसा वापस मिला लेकिन भाजपा समर्थित गुंडे अब उस पर 50 हजार प्रतिदिन के ब्याज की मांग कर रहे हैं। जब पीड़ित ने थाने में शिकायत दी तो कोई कार्रवाई नहीं हुई उल्टा पुलिस ने गुंडों से मिलकर पीड़ित परिवार को पिटवाया।
अनुसूचित जाति पर हमले के आरोपी पंचायत सचिव को खुली छूट

उन्होंने कहा कि एक पंचायत सचिव द्वारा अनुसूचित जाति के लोगों पर हमला किया गया था लेकिन आज भी वह सरकारी सेवा में है और वेतन उठा रहा है। पुलिस ने उसे फरार घोषित कर दिया लेकिन वह खुलेआम घूम रहा है। इस पर भी सवाल उठाए गए हैं कि क्या यही है उत्कृष्ट पुलिसिंग’?
पत्रकारों पर हमले का भी आरोप

डॉ. गोविंद सिंह ने यह भी कहा कि भिंड के पुलिस अधीक्षक अपने कार्यालय में पत्रकारों को बुलाकर उन्हें पिटवाते हैं। यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला है।
मुख्यमंत्री से की स्वतंत्र जांच की मांग
Bhind police controversy 2025: उन्होंने प्रदेश के मुखिया से मांग की है कि किसी सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में भिंड जिले की पुलिसिंग की स्वतंत्र जांच करवाई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पुलिस प्रशासन में सुधार नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
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