Bhim Army Hindu organizations clash : मध्य प्रदेश के दतिया जिले के इंदरगढ़ कस्बे में भीम आर्मी और हिंदू संगठनों के बीच पुतला दहन को लेकर गंभीर भिड़ंत हुई। यह विवाद उस वक्त शुरू हुआ जब भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने संत पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का पुतला जलाया । इसका विरोध वहां मौजूद हिंदू संगठनों ने किया और उन्होंने स्वयं आजाद समाज पार्टी के नेता दामोदर यादव का पुतला जलाकर जवाबी कार्रवाई की।
झड़प और पत्थरबाजी
दोनों पक्षों के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए और पत्थरबाजी शुरू हो गई, जिसमें तीन लोग घायल हो गए। कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और तनावपूर्ण माहौल बन गया। पुलिस ने स्थिति को संभालने के लिए लाठीचार्ज और वॉटर कैनन का उपयोग किया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद भीड़ को तितर-बितर किया गया और घायलों को इलाज के लिए हस्पताल भेजा गया।
पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया
पुलिस ने मुख्य रूप से झड़प को नियंत्रण में रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए। पुलिस ने झड़प कराने वाले कार्यकर्ताओं की पहचान कर ली है और प्रशासन इन पर कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है। साथ ही, तनाव कम करने के लिए प्रशासन ने शांति बनाए रखने के प्रयास तेज किए हैं।
READ MORE :ग्वालियर में आयुष विभाग ने डुप्लीकेट फ़ूड सप्लीमेंट बेचने वाली फार्मेसी पर छापामारा
पक्षों की प्रतिक्रियाएं
सनातन हिंदू संगठन के नगर अध्यक्ष शिरोमणि सिंह राठौर ने कहा कि पं. धीरेंद्र शास्त्री जाति-पात मिटाने और सनातन एकता का संदेश देते हैं, और संतों के पुतले को जलाना गलत है। वहीं, आजाद समाज पार्टी के नेता दामोदर यादव ने आरोप लगाए कि शास्त्री ने उन्हें धमकाया और गालियां दीं।
सामाजिक और राजनीतिक परिप्रेक्ष्य
यह घटना सामाजिक और राजनीतिक तनाव का उदाहरण है, जहां धार्मिक और जातीय मुद्दे जुड़ जाते हैं। ऐसे विवादों से सामाजिक सद्भाव प्रभावित होता है और स्थानीय प्रशासन के लिए चुनौती बढ़ जाती है।
दतिया की यह घटना यह दर्शाती है कि धार्मिक भावनाओं और राजनीतिक गतिविधियों के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। प्रशासन को ऐसी घटनाओं को रोकने और समुदायों के बीच सौहार्द बनाए रखने के लिए सतर्क रहने की जरूरत है।
