मंगला आरती में मुख्यमंत्री
जयपुर के सिटी पैलेस परिसर में स्थित गोविंद देव जी मंदिर, भगवान कृष्ण और राधा को समर्पित एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक स्थल है। रविवार सुबह करीब 4:30 बजे, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा अपनी पत्नी के साथ मंदिर पहुंचे और मंगला आरती में शामिल हुए। मंगला आरती, जो दिन की पहली आरती होती है, भक्तों के लिए विशेष महत्व रखती है। इस दौरान मंदिर में भक्ति भजनों, घंटियों की ध्वनि और अगरबत्ती की सुगंध से वातावरण भक्तिमय हो गया। मुख्यमंत्री ने पूजा-अर्चना के दौरान भगवान गोविंद देव जी से प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की। उनकी यह उपस्थिति श्रद्धालुओं के बीच उत्साह और श्रद्धा का संचार करने वाली थी।
निर्जला एकादशी का महत्व
निर्जला एकादशी, जो ज्येष्ठ मास में पड़ती है, हिंदू धर्म में सबसे कठिन और पुण्यदायी व्रतों में से एक माना जाता है। इस दिन भक्त बिना जल ग्रहण किए व्रत रखते हैं। मुख्यमंत्री ने इस पवित्र दिन का पालन किया और व्रत के बाद मंगला आरती में भाग लिया। यह उनके धार्मिक विश्वास और जनसेवा के प्रति समर्पण को दर्शाता है। मंदिर में उनकी उपस्थिति ने यह संदेश दिया कि वे न केवल प्रशासनिक, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को भी महत्व देते हैं।
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Bhajanlal Sharma Govind Dev Ji Temple: श्रद्धालुओं से मुलाकात
मंगला आरती के बाद, मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं से मुलाकात की और उनका अभिवादन स्वीकार किया। यह उनके जनसंपर्क और जनता के प्रति उनकी सुलभता को दर्शाता है। मंदिर के महंत, श्री अंजन कुमार गोस्वामी, जिन्होंने लंबे समय से मंदिर की सेवा और प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाली है, ने मुख्यमंत्री को गोविंद देव जी का चित्र और प्रसाद भेंट किया। यह सम्मान न केवल मुख्यमंत्री के प्रति मंदिर प्रबंधन की श्रद्धा को दर्शाता है, बल्कि इस आयोजन की गरिमा को भी बढ़ाता है।

गोविंद देव जी मंदिर का ऐतिहासिक महत्व
गोविंद देव जी मंदिर, 18वीं शताब्दी में जयपुर के संस्थापक महाराजा सवाई जय सिंह द्वितीय द्वारा स्थापित, गौड़ीय वैष्णव परंपरा का एक प्रमुख केंद्र है। मंदिर में स्थापित भगवान कृष्ण की मूर्ति को वृंदावन से लाया गया था और इसे भगवान कृष्ण के वास्तविक स्वरूप का प्रतीक माना जाता है। मंदिर में प्रतिदिन सात आरतियां और भोग की परंपरा निभाई जाती है, जो इसे भक्तों के लिए विशेष बनाती है। जनमाष्टमी और राधाष्टमी जैसे त्योहारों पर यहां लाखों श्रद्धालु उमड़ते हैं।
