‘भारत को सीमाओं में रहकर हर संभव मदद करनी चाहिए’
Bhagwat on Bangladesh Hindu Crisis: बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हो रहे हमलों और बढ़ती असुरक्षा को लेकर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत का बयान एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है, कोलकाता में संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के मौके पर आयोजित एक संवाद कार्यक्रम में भागवत ने साफ शब्दों में कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति इसलिए कठिन है क्योंकि वे वहां अल्पसंख्यक हैं।
Read More:- Raipur Nagpur train cancellation: 26-29 दिसंबर तक 21 ट्रेनें रद्द, यात्री चेक कर ले लिस्ट
उन्होंने कहा कि किसी भी देश में जब कोई समुदाय अल्पसंख्यक होता है, तो उसके सामने चुनौतियां स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती हैं बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ भी यही हो रहा है ।
भारत की भूमिका पर जोर
RSS प्रमुख ने भारत की भूमिका को लेकर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि भारत को अपनी सीमाओं के भीतर रहते हुए जितनी मदद संभव हो. उतनी करनी चाहिए उनके अनुसार हिंदुओं के लिए भारत ही एकमात्र ऐसा देश है जहां वे बहुसंख्यक हैं और जहां उनकी सांस्कृतिक पहचान सुरक्षित है।
भागवत ने यह भी कहा कि भारत सरकार को इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान देना होगा उन्होंने संकेत दिया कि सरकार शायद पहले से कुछ कदम उठा रही हो। लेकिन ऐसे मामलों में हर बात सार्वजनिक नहीं की जा सकती कुछ प्रयास दिखाई देते हैं कुछ पर्दे के पीछे होते हैं और उनके परिणाम हमेशा तुरंत सामने नहीं आते।
Bhagwat on Bangladesh Hindu Crisis: सरकार से अपेक्षा, लेकिन संयम के साथ
अपने बयान में भागवत ने संतुलन बनाए रखने की कोशिश की . उन्होंने न तो किसी आक्रामक हस्तक्षेप की बात कही और न ही चुप्पी साधने की सलाह दी, उनका जोर इस बात पर था कि भारत को जो भी करना है वह अपनी कूटनीतिक सीमाओं और अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए करना चाहिए।
Visit This: घोड़े की नाल की अंगूठी किन लोगों को करना चाहिए धारण!
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कई बार प्रयासों के बावजूद मनचाहे नतीजे नहीं मिलते, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि कोशिश ही न की जाए । उनके अनुसार, कुछ न कुछ करना जरूरी है. क्योंकि यह सवाल लोगों की सुरक्षा और अस्तित्व से जुड़ा है।
