Bhagiratha rescue operation: उज्जैन के बड़नगर में 3 साल का मासूम भागीरथ बोरवेल में फंसा है. उसे सुरक्षित बाहर निकालने के लिए SDRF और जिला प्रशासन की टीमें का रेस्क्यू ऑपरेशन अभी जारी है. बच्चा 70 फीट गहरे गड्ढे में फंसा है. कल देर शाम खेलते समय वह एक खुले बोरवेल में गिर गया था.

बता दें कि पहले बच्चा 30 से 35 फीट पर फंसा हुआ था, लेकिन जैसे ही बच्चे को बाहर निकलने का प्रयास किया गया तो बच्चा 70 फीट गहरे गड्ढे तक पहुंच गया, जिससे रेस्क्यू टीम को और मशक्कत करनी पड़ रही है.
Bhagiratha rescue operation: 5 से अधिक जेसीबी लगाई
इसको लेकर पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने बताया कि इसके साथ ही 5 से अधिक जेसीबी पोकलेन लगाकर बोरवेल के आसपास खुदाई की जा रही है। जिससे बच्चे तक आसानी से रेस्क्यू टीम पहुंच सके और उसे सुरक्षित बाहर निकाला जा सके.
उज्जैन और इंदौर की SDRF टीमों ने सबसे पहले मोर्चा संभाला. इसके साथ ही हरदा से एसडीआरएफ की एक विशेष एक्सपर्ट टीम भी बुलाई गई है, जो बोरवेल रेस्क्यू ऑपरेशन में प्रशिक्षित मानी जाती है.
Bhagiratha rescue operation: बोरवेल के पास खुदाई
बता दें कि बचाव कार्य को तेज करने के लिए बोरवेल के आसपास समानांतर गड्ढा खुदाई की जा रहा है, ताकि दूसरी दिशा से बच्चे तक पहुंचा जा सके. इसके लिए मौके पर 5 से अधिक जेसीबी और पोकलेन मशीनें लगाई गई हैं, जिससे खुदाई की जा रही है. प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है कि मासूम बच्चों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जा सके.
3 साल का है भागीरथ
दरअसल, तीन साल का भागीरथ उज्जैन जिले के ग्रामीण क्षेत्र स्थित बोरवेल में गिरा है। घटना स्थल जिला मुख्यालय से 60 किमी दूर बड़नगर के झालरिया गांव में है। इस गांव के जंगल में एक चरवाहा समूह ठहरा हुआ था। सभी राजस्थान के पाली जिले से मलावा में भेड़ चराने आए हुए हैं।गुरुवार रात्रि करीब 8 बजे 3 साल का मासूम, जिसका नाम भागीरथ बताया जा रहा है, वह बोरवेल में गिर गया। बच्चे से कुछ ही दूरी पर मां काम कर रही थी उसने बच्चे को बोरवेल में गिरते हुए देखा। शोर मचाने पर समूह के अन्य सदस्य आए और ग्रामीणों को सूचना दी। ग्रामीणों ने रेस्क्यू शुरू किया। इसके साथ ही पुलिस प्रशासन को सूचना दी गई।
