Betul Van Vibhag: मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में वन विभाग, जो अक्सर विवादों के कारण चर्चा में रहता है, ने एक अनूठी और प्रेरणादायक पहल शुरू की है। भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए वन विभाग ने भविष्य में भारतीय सेना के जवानों को रक्त की आवश्यकता को ध्यान में रखकर एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया।
50 यूनिट रक्त किया एकत्र
यह शिविर बैतूल के वन विद्यालय में जिला स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसमें वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस शिविर में 50 यूनिट से अधिक रक्त एकत्र किया गया, जो देश की सेवा में एक महत्वपूर्ण योगदान है।
सेना के जवानों के लिए रक्त किया एकत्र
आज के दौर में देश के हालात को देखते हुए किसी भी आपात स्थिति में सेना के जवानों के लिए रक्त की आवश्यकता पड़ सकती है। इस संभावना को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने यह कदम उठाया। रक्तदान शिविर का आयोजन न केवल एक सामाजिक जिम्मेदारी को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि विभिन्न विभाग मिलकर देश की सुरक्षा और सेवा के लिए कैसे योगदान दे सकते हैं।
Read More: MP CM MOHAN: ताप्ती बेसिन परियोजना पर के बीच ऐतिहासिक समझौता, CM डॉ. मोहन और फडणवीस ने मिलाए हाथ
मुख्य वन संरक्षक ने लिया भाग
इस आयोजन में मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ), सभी डीएफओ और वन विभाग के कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उनके इस प्रयास ने न केवल रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद की, बल्कि समाज के अन्य लोगों के लिए भी एक प्रेरणा स्थापित की।
दक्षिण बैतूल के डीएफओ विजयानंतम टीआर ने इस अवसर पर कहा, “देश के जवानों के लिए रक्त की आवश्यकता किसी भी समय पड़ सकती है। हमारा यह छोटा सा प्रयास उनके जीवन को बचाने में मदद कर सकता है। मैं समाज के सभी लोगों से अपील करता हूं कि वे आगे आएं और रक्तदान करें, ताकि हमारा रक्त देश के काम आ सके।” उनकी यह अपील न केवल रक्तदान के महत्व को रेखांकित करती है, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाने का भी काम करती है।
वन विद्यालय में किया आयोजन
इस रक्तदान शिविर का आयोजन वन विद्यालय में किया गया, जहां स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की थीं। शिविर में रक्तदान करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों ने इसे देश सेवा का एक अवसर माना। रक्तदान के बाद सभी ने इस बात पर गर्व व्यक्त किया कि उनका योगदान देश के जवानों के लिए जीवन रक्षक साबित हो सकता है। इस आयोजन ने यह भी दर्शाया कि वन विभाग केवल वनों की रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय जिम्मेदारियों को भी बखूबी निभा सकता है।
Betul Van Vibhag: वन विभाग के लिए एक मिसाल
यह पहल बैतूल वन विभाग के लिए एक मिसाल बन गई है। इस तरह के आयोजन न केवल समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं, बल्कि लोगों को रक्तदान जैसे नेक कार्य के लिए प्रेरित भी करते हैं। डीएफओ ने यह भी कहा कि भविष्य में इस तरह के और शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि रक्त की कमी न हो और जरूरतमंदों तक यह समय पर पहुंच सके। इस पहल ने बैतूल वन विभाग को एक नई पहचान दी है और यह साबित किया है कि एकजुट होकर समाज और देश के लिए बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
