Betul rain damage: मध्यप्रदेश के बैतूल जिला मुख्यालय में पहली ही बारिश ने नगर पालिका की लापरवाही की पोल खोल दी है। शहर के विभिन्न वार्डों—जैसे आजाद वार्ड, तिलक वार्ड और लल्ली चौक—में पाइपलाइन डालने के लिए सड़कें खोदी गई थीं। कार्य पूरा होने के बाद नागरिकों को जल कनेक्शन तो मिल गया, लेकिन सड़कों की मरम्मत अब तक नहीं की गई है।

किसी बड़े हादसे को न्योता दे रही
बारिश के चलते हालात और बदतर हो गए हैं। गड्ढों में पानी भर जाने से सड़कें दलदल में बदल गई हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन रास्तों से न तो गाड़ियां निकल पा रही हैं और न ही पैदल चलना मुमकिन है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को हो रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह स्थिति किसी बड़े हादसे को न्योता दे रही है।
Betul rain damage: जल्द ही आंदोलन की चेतावनी दे रहे
तिलक वार्ड पार्षद नफीस मिर्जा ने नगर पालिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उन्होंने कई बार अधिकारियों से लिखित और मौखिक रूप से शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। ठेकेदार को कई बार सीएमओ द्वारा सड़क सुधारने के निर्देश दिए गए, मगर वह लगातार आदेशों की अनदेखी कर रहा है। वार्डवासियों में इस लापरवाही को लेकर भारी नाराजगी है और वे जल्द ही आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं।
Betul rain damage: ठेकेदार किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं?
इस गंभीर स्थिति में बड़ा सवाल यह है कि जब पाइपलाइन डालने का कार्य पूरा हो चुका है, तो सड़कें अब तक क्यों नहीं बनाई गईं? क्या प्रशासन और ठेकेदार किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं?
Betul rain damage: जनहित में तीन प्रमुख मांगे उठ रही हैं:
तत्काल खोदी गई सड़कों की मरम्मत शुरू की जाए।
बारिश में जलभराव से राहत के लिए अस्थायी उपाय किए जाएं।
लापरवाह ठेकेदार और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो व जवाबदेही तय की जाए।
जनता अब जवाब मांग रही है और अगर प्रशासन ने जल्द कदम नहीं उठाया, तो इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ेगा।
रिपोर्ट: शशांक सोनकपुरिया, बैतूल
