Betul Opium Smuggler: मध्यप्रदेश के बैतूल जिला मुख्यालय पर एक सनसनीखेज घटना ने पुलिस प्रशासन को सकते में डाल दिया है। अफीम की खेती और तस्करी के मामले में कुख्यात अंतर्राज्यीय अपराधी गोपाल बंजारा जिला अस्पताल से फरार हो गया। राजस्थान पुलिस उसे जेल में दाखिल करने के लिए बैतूल लाई थी, लेकिन मेडिकल जांच के दौरान वह पुलिस की हिरासत से भाग निकला। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें गोपाल बंजारा भागते हुए नजर आ रहा है। बैतूल पुलिस ने अब आरोपी की तलाश में जिले भर में नाकाबंदी कर दी है और सभी थानों व पुलिस चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है।
अफीम की तस्करी में लिप्त था अपराधी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गोपाल बंजारा अफीम की खेती और तस्करी में लिप्त एक शातिर अपराधी है, जिसके खिलाफ मध्यप्रदेश और राजस्थान में कई मामले दर्ज हैं। राजस्थान पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए बैतूल से राजस्थान ले जाया था। पूछताछ के बाद उसे जेल में दाखिल करने के लिए वापस बैतूल लाया गया। जेल प्रशासन ने जेल दाखिले से पहले उसका मेडिकल कराने का निर्देश दिया, जिसके लिए राजस्थान पुलिस उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंची। इसी दौरान गोपाल बंजारा मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह घटना राजस्थान पुलिस की लापरवाही के कारण हुई, क्योंकि आरोपी को कड़ी निगरानी में रखने में चूक हुई।
Read More: लव जिहाद का अनोखा मामला : महिला ने बदला नाम, रचाई शादी, अब बना रही धर्म परिवर्तन का दबाव
Betul Opium Smuggler: आरोपी के भागते हुए आया वीडियो
सीसीटीवी फुटेज में गोपाल बंजारा अस्पताल परिसर से तेजी से भागते हुए दिखाई दे रहा है। इस घटना की जानकारी मिलते ही बैतूल पुलिस हरकत में आ गई। जिले की सभी सीमाओं पर नाकाबंदी की गई है और वाहनों की सघन जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने सभी थानों और चौकियों को अलर्ट जारी कर दिया है, ताकि आरोपी जिले से बाहर न निकल सके। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि गोपाल बंजारा की तलाश के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
राजस्थान में भी करता था तस्करी
गोपाल बंजारा का आपराधिक इतिहास उसे और भी खतरनाक बनाता है। वह न केवल मध्यप्रदेश के बैतूल में, बल्कि राजस्थान में भी अफीम की अवैध खेती और तस्करी के मामलों में वांछित है। बैतूल और राजस्थान जैसे क्षेत्रों में अफीम की खेती और तस्करी एक गंभीर समस्या रही है, जिसके खिलाफ पुलिस और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं, क्योंकि इतने बड़े अपराधी को हिरासत में रखने में चूक होना गंभीर लापरवाही का संकेत देता है।
शशांक सोनकपुरिया की रिपोर्ट
