BETUL NEWS: बैतूल में ग्रामीण क्षेत्रो में सुदूर सड़क बनाने का कार्य करवाया जाना है… जिसमे भारी अनियमितता सामने आई है.. बता दें कि बैतूल जनपद के ग्राम बघवाड़ से मलकापुर पंचायत तक… ग्रेवल मार्ग का निर्माण कराया जाना है जो कि.. लगभग 30 लाख के आसपास में बनना विभाग ने तय किया है… इस सड़क के निर्माण सबंधी कोई बोर्ड नहीं लगाया गया है.. सड़क की हालत यह है कि इस पर वाहन तो दूर की बात है.. अभी ही पैदल चलना मुश्किल हो रहा है….

सरकारी तंत्र पूरा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा
BETUL NEWS: जानकारी के अनुसार, मध्यप्रदेश के बैतूल में सरकारी तंत्र पूरा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है. आये दिन नए नए मामले सामने आ रहे है. जिसमे ठेकेदारों की मनमानी का खामियाजा ग्रामीणजन भुगतने को मजबूर है. सरकार से लाखों का बजट जनता की सुविधा के लिए आता है. पर अच्छा कार्य करने की बजाए विभागों के ठेकेदार बस अपनी जेब गरम करने में लगे हुए नजर आते है. इसी के चलते ग्रामीणजन मुश्किलों का सामना करने पर मजबूर है. ताजा मामला आरईएस विभाग से सामने आया है. जहाँ ग्रामीण क्षेत्रो में सुदूर सड़क बनाने का कार्य करवाया जाना है. जिसमे भारी अनियमितता सामने आई है..
BETUL NEWS: निर्माण सबंधी नहीं है कोई बोर्ड
बता दें कि बैतूल जनपद के ग्राम बघवाड़ से मलकापुर पंचायत तक ग्रेवल मार्ग का निर्माण कराया जाना है. जो कि लगभग 30 लाख के आसपास में बनना विभाग ने तय किया है. इस सड़क के निर्माण सबंधी न ही कोई बोर्ड लगाया गया है. न ही मौके पर किसी को जानकारी दी गई है. सड़क कितनी किलोमीटर बनना है इसकी भी कोई जानकारी नहीं है.
BETUL NEWS: काम में भारी अनियमितता सामने आई
इस सड़क के काम में भारी अनियमितता सामने आई है. सड़क बनाने में मिट्टी बाजू से खोदकर डाल दी गई. वहीं सरकारी जमीन से खोदकर मुरम भी थोड़ी थोड़ी बिछाई गई. सड़क की हालत यह है कि. इस पर वाहन तो दूर की बात है. अभी ही पैदल चलना मुश्किल हो रहा है. इस तरह की सड़क पहली बारिश में ही बड़ी परेशानी का सबब बनने वाली है. जिसको लेकर ग्रामीणों ने बताया कि. ठेकेदार ने बहुत ही बेकार काम किया है.
न रोलर चला,ना ही तय मात्रा में पानी डाला
BETUL NEWS: न रोलर चला है और ना ही तय मात्रा में पानी डाला है. जिसके चलते सड़क का टिक पाना ही मुश्किल है. और सड़क पूर्ण होने तक सुधार नही हुआ तो वे लोग आंदोलन करेंगे. सरकार को इस घटिया काम से अवगत भी करवाएंगे. अब देखना यह है कि खबर के प्रकाशन के बाद जिला कलेक्टर मामले में संज्ञान लेकर ठेकेदार पर कार्रवाई करते है या नही.
