दर्दनाक हादसा,तेज रफ्तार बाइक ने बुजुर्ग को रौंदा
Betul Elderly Incident: खबर मप्र के बैतूल जिले के मुलताई शहर से है जहां उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब मुख्य सड़क पर तेज रफ्तार बाइक ने बुजुर्ग लक्ष्मी चंद्र साहू को टक्कर मार दी। हादसा इतना भयानक था कि साहू वहीं सड़क पर गंभीर हालत में गिर पड़े। बाइक सवार युवक बिना रुके मौके से फरार हो गया, और यह घटना CCTV में भी कैद हो गई।मदद की गुहार, मगर समाज रहा मौन
बतादें कि घायल बुजुर्ग सड़क पर पड़े रहे, लेकिन न कोई वाहन रुका, न ही कोई आम नागरिक मदद के लिए आगे आया। राह चलते लोगों ने सिर्फ देखा, वीडियो बनाए, लेकिन कोई इंसानियत दिखाने नहीं आया। यह दृश्य समाज की संवेदनहीनता की जीती-जागती मिसाल बन गया।एम्बुलेंस सेवा फेल, कॉल के बाद भी नहीं पहुंची मदद
परिजनों और स्थानीय लोगों ने एम्बुलेंस को बार-बार कॉल किया, लेकिन मदद समय पर नहीं पहुंची। प्रशासन की लापरवाही और आपातकालीन सेवा की यह नाकामी एक बड़ी चिंता का विषय है। जिस सेवा पर जान बचाने की जिम्मेदारी है, वही वक्त पर न पहुंचे तो सिस्टम पर सवाल उठना लाजमी है।मजबूरी में ठेले पर अस्पताल पहुंचे घायल बुजुर्ग
read more: गरियाबंद के इस गांव में अचानक पहुंचे सीएम साय एम्बुलेंस के नहीं पहुंचने पर परिजनों और कुछ स्थानीय लोगों ने साहू को हाथ ठेले पर लादकर अस्पताल पहुंचाया। यह दृश्य शहर की सबसे शर्मनाक तस्वीर बनकर सामने आया। एक ओर ‘विकास’ की बातें होती हैं, दूसरी ओर घायल बुजुर्ग को ठेले पर लादकर अस्पताल ले जाना पड़ता है यह कैसी तरक्की है?समाज और सिस्टम दोनों हुए फेल
यह हादसा सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि हमारे सामाजिक और प्रशासनिक ढांचे की पोल खोलने वाला घटनाक्रम है। जब शहर के मध्य में यह हाल है, तो सुदूर ग्रामीण इलाकों में स्थिति कितनी भयावह होगी इसका अंदाज़ा लगाना मुश्किल नहीं।लोग खड़े देखते रहे, कोई नहीं आया मदद को- चश्मदीद
प्रत्यक्षदर्शी प्रदीप मांगुरकर ने बताया,मैंने लोगों को कहते सुना कि बहुत गंभीर चोट है, लेकिन कोई पास नहीं आया। लोग वीडियो बना रहे थे, लेकिन मदद के लिए कोई आगे नहीं बढ़ा।” उनका यह बयान समाज की गिरती संवेदनाओं का आईना है।