जब जीत के जश्न ने 11 परिवारों को मातम दे दिया
4 जून 2025 को बेंगलुरु की सड़कों पर जोश था, जश्न था, और एक सपने की हकीकत बनने की खुशी। RCB की 18 साल की लंबी प्रतीक्षा खत्म हुई थी, और लोग इसे केवल एक टीम की जीत नहीं, अपनी जीत मान रहे थे। लेकिन उसी दिन, चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर भीड़ की बेकाबू लहर ने 11 लोगों की सांसें छीन लीं। 50 से ज्यादा लोग घायल हुए।
आज, जब देश इस हादसे को समझने की कोशिश कर रहा है, तब कर्नाटक की विधानसभा में सियासी बयानों की गूंज सुनाई दी।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा “ऐसी घटनाएं तो दुनिया भर में होती हैं, इसके लिए सरकार नहीं, हालात जिम्मेदार हैं।”
बेंगलुरु भगदड़: जश्न से मातम तक का सफर
4 जून: जश्न और जनसैलाब
RCB ने 18 साल बाद पहली बार IPL ट्रॉफी जीती। सोशल मीडिया पर सुबह से ही जश्न की लहर थी। टीम की ओर से घोषणा की गई कि विधानसभा से चिन्नास्वामी स्टेडियम तक विक्ट्री परेड होगी, और लोगों को फ्री एंट्री दी जाएगी। विराट कोहली का वीडियो पोस्ट होते ही माहौल और गर्म हो गया। पर भीड़ का जो अनुमान था, वो हकीकत से बेहद छोटा निकला।
3 लाख लोग, 35 हजार की जगह
सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया पोस्ट्स को 44 लाख से ज्यादा बार देखा गया। स्टेडियम की क्षमता सिर्फ 35,000 थी। लेकिन 3 लाख लोग पहुंचे। BMRCL के अनुसार, 9.66 लाख लोगों ने मेट्रो का इस्तेमाल किया, जो सामान्य से 60% ज्यादा था।
न गेट खुले, न पास मिले: और मच गया हंगामा
RCB ने पहले फ्री एंट्री कहा, फिर फ्री पास की घोषणा की वो भी आखिरी वक्त में। गेट खोले नहीं गए, भीड़ ने दीवार फांदी, गेट तोड़े, और कई जगह भगदड़ मच गई।
हादसा: 11 मौतें, दर्जनों घायल
भीड़ में दबकर 11 लोग मारे गए। पुलिस ने स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन कोई तैयारी नहीं थी।
राजनीति गरमाई सिद्धारमैया बनाम BJP
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने विधानसभा में कहा “भीड़ बेकाबू हो गई, सरकार नहीं जिम्मेदार। ऐसी घटनाएं BJP शासित राज्यों में भी होती रही हैं।” उन्होंने पुराने हादसों की सूची दी 2008 नैना देवी (हिमाचल) 2008 जोधपुर 2013 रतनगढ़ 2021 हरिद्वार 2023 सीहोर (MP) 2024 हाथरस (UP) 2022 मोरबी पुल हादसा (135 मौतें)
सिद्धारमैया ने BJP से सवाल किया “जब कोरोना में ऑक्सीजन की कमी से चामराजनगर में 36 मौतें हुई थीं, तब क्या आपने अपने मुख्यमंत्री को दोषी ठहराया?”
जांच रिपोर्ट और जिम्मेदार कौन?
जस्टिस कुन्हा आयोग ने RCB, DNA एंटरटेनमेंट, और KSCA (कर्नाटक क्रिकेट संघ) को जिम्मेदार ठहराया। रिपोर्ट में कहा गया स्टेडियम बड़े आयोजनों के लिए सुरक्षित नहीं भीड़ नियंत्रण, आपात योजना, पार्किंग आदि नदारद RCB ने सरकार से अनुमति नहीं ली आयोजन सोशल मीडिया से जनता तक फैला, मगर बिना किसी प्रबंधन के RCB के अधिकारियों, KSCA के अध्यक्ष, और DNA एंटरटेनमेंट के सीनियर लोगों पर कार्रवाई की सिफारिश की गई।
ये सिर्फ सियासी सवाल नहीं है, जन सुरक्षा का मुद्दा है
RCB की ओर से लापरवाही, सरकार की ओर से अनुमति और निगरानी में ढिलाई, और प्रशंसकों की जुनून में होश खो देना — तीनों ने मिलकर ये हादसा लिखा। जिन 11 परिवारों ने अपनों को खोया, उनके लिए ये सिर्फ “भीड़ का बेकाबू हो जाना” नहीं था। ये किसी की जिम्मेदारी छोड़ने का नतीजा था।
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