बेंगलुरु अग्निकांड: जालोर का व्यापारी, पत्नी और दो बच्चे जिंदा जले

ट्रैजेडी की टाइमलाइन
📍 स्थान: नगरपेठ, बेंगलुरु का स्टील मार्केट
📅 हादसा: शुक्रवार देर रात
🕯️ मृतक: मदन सिंह राजपुरोहित (व्यापारी), उनकी पत्नी ,दो नाबालिग बेटे और एक कर्मचारी
फ्लैट में फंसे रह गए, बाहर से था गेट बंद
मदन सिंह अपने लकड़ी के बर्तन के गोदाम में काम करने गए थे। पत्नी और बच्चे ऊपर फ्लैट में सो रहे थे। परिवार की नींद डिस्टर्ब न हो, इसलिए मदन सिंह ने फ्लैट का गेट बाहर से बंद कर दिया था। आग लगी, तो अंदर फंसे परिवार के पास कोई रास्ता नहीं था बचने का।
18 दमकल गाड़ियां भी नाकाम!
संकरे इलाके की वजह से फायर ब्रिगेड को पहुंचने में देरी हुई, शनिवार सुबह तक जलती रही पूरी बिल्डिंग एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें रेस्क्यू में जुटीं फ्लैट और गोदाम दोनों राख हो गए
जालोर से बेंगलुरु तक फैला मातम
मदन सिंह 15 साल से बेंगलुरु में रह रहे थे , मोदरान मूल रूप से भीनमाल, जालोर से थे हादसे की खबर गांव पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है
फ्लैट का बाहर से बंद गेट बना काल!
रिश्तेदारों को छोड़ने एयरपोर्ट गए थे मदन सिंह, रात को लौटकर गोदाम में काम करने चले गए , परिवार डिस्टर्ब न हो, इसलिए फ्लैट का दरवाज़ा बाहर से लॉक। धुआं और आग जब फैली, तब तक बहुत देर हो चुकी थी
स्थानीय नेताओं की मांग
कांग्रेस नेता आर.वी. देवराजू घटनास्थल पर पहुंचे, जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग .फायर सेफ्टी नियमों को लेकर सवाल है
सबक और सवाल
क्या कमर्शियल बिल्डिंग्स में फायर सेफ्टी ऑडिट होता है? संकरी गलियों में फायर ब्रिगेड पहुंचने का विकल्प क्या है? किसी को तकलीफ़ न हो सोचकर बाहर से दरवाज़ा बंद करना क्या ये कभी दोबारा होना चाहिए?
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