bengal violence : बंगाल में हिंसक प्रदर्शन और सड़क पर पत्थरबाजी
bengal violence : पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में जंगीपुर और आसपास के इलाकों में हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। वक्फ कानून के विरोध में हुई हिंसक झड़पों के बाद, जिला प्रशासन ने रघुनाथगंज और सुती थाना क्षेत्रों में निषेधाज्ञा लागू कर दी है और इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया है। इस हिंसा ने पूरे इलाके को प्रभावित किया है, जिससे दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बंद रखने की स्थिति बन गई है।
इंटरनेट सेवाएं बंद, निषेधाज्ञा लागू
जिला पुलिस के अनुसार, सभी संवेदनशील इलाकों में 800 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। इनमें आरएएफ कर्मी भी शामिल हैं। प्रशासन ने 10 अप्रैल की शाम 6 बजे तक निषेधाज्ञा लागू की है। इसके साथ ही, जंगीपुर उपखंड की सीमा के भीतर 11 अप्रैल की शाम 6 बजे तक इंटरनेट सेवाएं निलंबित करने का आदेश दिया गया है। यह कदम किसी भी गलत सूचना और अफवाहों के फैलने को रोकने के लिए उठाया गया है।
जंगीपुर में तनाव बढ़ा
कल, मुर्शिदाबाद के उमरपुर और जंगीपुर इलाकों में राष्ट्रीय राजमार्ग 12 पर वक्फ कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर एक रैली हिंसक हो गई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थरबाजी की और राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया। इसके अलावा, दो पुलिस वाहनों में आग लगा दी गई, जिसमें कम से कम आठ पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागे।
प्रदर्शनकारियों का गुस्सा और फिर से सड़क पर उतरना
हिंसा के बाद पुलिस द्वारा छह लोगों को हिरासत में लेने की खबर फैलते ही, गुस्साए प्रदर्शनकारी शाम को फिर से सड़कों पर उतर आए। उन्होंने फिर से पुलिस पर पथराव किया, और पुलिस को मजबूरन आंसू गैस के गोले दागने पड़े। देर रात तक, हाईवे पर नाकाबंदी हटा ली गई और स्थिति नियंत्रण में आ गई।
जांच जारी, प्रशासन का दावा स्थिति नियंत्रण में
जिला पुलिस अधीक्षक आनंद मोहन रॉय ने कहा, “स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और हाईवे पर नाकाबंदी हटा दी गई है। घटना के पीछे के लोगों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।” प्रशासन की ओर से यह भी कहा गया कि यह हिंसा राज्य में शांति और सौहार्द्र को नुकसान पहुंचाने की कोशिश का हिस्सा हो सकती है।
bengal violence : भविष्य में शांति की उम्मीद
जंगीपुर और मुर्शिदाबाद में हुए इस हिंसक संघर्ष के बाद प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए कई कदम उठाए हैं। निषेधाज्ञा और इंटरनेट बंद करने के फैसले से उम्मीद की जा रही है कि इलाके में शांति लौटेगी। हालांकि, पुलिस और प्रशासन घटना की पूरी जांच कर रहे हैं, ताकि इस तरह की हिंसा को भविष्य में रोका जा सके।
Read :- चर्च के पास 17 करोड़ एकड़ जमीन : क्या अब चर्च पर भी बनेगा कानून ?
सटीक, सच्ची और सिर्फ खबर के लिए डाउनलोड करे app https://play.google.com/store/apps/details?id=com.netlink.newsapplication&hl=en_IN
“Follow” whatsapp channel https://whatsapp.com/channel/0029Vb11xsB77qVPx8Rt411E
