Benefits of Walking on Grass: घास पर सुबह-सुबह नंगे पांव चलना ताजगी के साथ – साथ आपके स्वास्थ्य के लिए भी एक प्राकृतिक इलाज है। आधुनिक जीवनशैली में जहां हम जिम, योगा और डाइट प्लान्स पर निर्भर रहते हैं, वहीं अगर हम सिर्फ घास पर चले न तो हमे शारीरिक स्वास्थ्य और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है।
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घास पर नंगे पांव चलना एक प्राचीन अभ्यास है जिसे आज की भाषा में “अर्थिंग” या “ग्राउंडिंग” कहा जाता है। यह तकनीक धरती के साथ शरीर के सीधे संपर्क को जोड़ देता है, जिससे शरीर में ऊर्जा का संतुलन बनता है और हम कई बीमारियों से बच सकते हैं।
घास पर चलने के फायदेमंद…
आंखों की रोशनी बढ़ाने में मददगार…
यह बात कम ही लोग जानते हैं कि घास पर नंगे पांव चलने से आंखों की रोशनी बढ़ाने में मददगार हो सकता है। हमारे पैरों के तलवों में कुछ ऐसे प्रेशर पॉइंट्स होते हैं जो सीधे नेत्र तंत्र से जुड़े होते हैं। जब हम घास पर चलते हैं, तो ये पॉइंट्स नेचुरली एक्टिवेट हो जाते हैं, जिससे आंखों की रोशनी पर पॉजिटिव असर पड़ता है।

मानसिक तनाव में राहत..
हरियाली से घिरे वातावरण में चलना अपने आप में एक मेडिटेटिव एक्सपीरियंस होता है। नंगे पांव चलने से मस्तिष्क को शांति मिलती है और कोर्टिसोल (तनाव हार्मोन) का स्तर घटता है। यह अवसाद, चिंता और थकान जैसी मानसिक स्थितियों में मददगार होता है।
कई साइकोलॉजिस्ट मानते हैं कि प्राकृतिक सतह पर चलना माइंडफुलनेस को बढ़ाता है साथ ही अवचेतन मन को शुद्ध करता है।
ब्लड सर्कुलेशन में सुधार…
घास पर चलना पैरों के मसल्स को ऐक्टिव करता है और शरीर के निचले हिस्से में ब्लड फ्लो बढ़ाता है। यह ब्लड प्रेशर को कम करने, दिल की सेहत सुधारने और थकान को कम करने में सहायक होता है। और शरीर के कई हिस्सों में बेहतर रक्त प्रवाह को सुनिश्चित करता है।
नींद की गुणवत्ता में सुधार करें…
रोज सुबह या शाम को घास पर चलने से नींद की गुणवत्ता में जबरदस्त सुधार होता है। अर्थिंग तकनीक के अनुसार, जब हम धरती के संपर्क में आते हैं, तो हमारे शरीर की विद्युत आवृत्तियाँ संतुलित होती हैं, जिससे अनिद्रा और बेचैनी जैसी समस्याओं से छुटकारा मिलता है। यह उन लोगो के लिए ज्यादा फायदेमंद जो सोने से पहले मोबाइल व लैपटॉप चलाते हैं।

इम्यूनिटी बढ़ाने में मददगार…
नंगे पांव चलने से शरीर की इम्यूनिटी भी मजबूत होती है। रिसर्च के अनुसार, धरती की नेगेटिव इलेक्ट्रॉन्स हमारे शरीर में फ्री रेडिकल्स को न्यूट्रलाइज करने में मदद करते हैं, जो इन्फेक्शन और सूजन की वजह से बनते हैं।
डायबिटीज और हाई बीपी के मरीजो के लिए…
घास पर चलना ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखने में मदद करता है। जब शरीर रिलैक्स होता है और ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है, तो यह इंसुलिन की प्रक्रिया पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। यह हृदय पर कम दबाव डालता है और मानसिक तनाव को घटाता है। जो हाई बीपी मरीजो के लिए लाभकारी होता है।

पैर और मसल्स को दें मजबूती…
नंगे पांव चलने से पैरों की मसल्स और हड्डियां मजबूत होती हैं। यह पैरों की नैचुरल ग्रिप को सुधारता है और लंबी उम्र तक बिना किसी सपोर्ट के चलने में मदद करता है। इससे पैरो को काफी आराम मिलता है।
घास पर चलते हुए ध्यान रखे…
1. सुबह की ताजी हवा और ओस से भरी घास पर चलना अधिक लाभकारी होता है।
2. चलने के दौरान ध्यान अपने पैरों पर केंद्रित करें, ताकि आप हर कदम का अनुभव कर सकें।
3. ओस से भीगे घास पर चलना एक तरह की प्राकृतिक थेरैपी है।

