Benefits Of Patharchatta: आयुर्वेद में उपयोग होने वाला पत्थरचट्टा एक चमत्कारी पौधा माना जाता है। इसके पत्तों में इतने औषधीय गुण होते हैं कि यह गुर्दे की पथरी से लेकर सूजन, जलन, घाव और त्वचा की समस्याओं तक के इलाज में काम आता है। आयुर्वेदिक चिकित्सक इसे “घर का डॉक्टर” भी कहते हैं क्योंकि यह कई तरह की बीमारियों को बिना दवाइयों के दूर करने में मदद करता है। जो आमतौर पर गांवों के घरों में, बागीचों में या दीवारों के किनारे आसानी से उग जाता है।
Benefits Of Patharchatta: पत्थरचट्टा के पत्तों के मुख्य फायदे
पाचन तंत्र को करे मजबूत
इसके सेवन से कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याओं से राहत मिलती है। यह पेट के लिए टॉनिक की तरह काम करता है।
मासिक धर्म की गड़बड़ियों में उपयोगी
महिलाओं में अनियमित पीरियड्स या अधिक रक्तस्राव की समस्या में पत्थरचट्टा बहुत फायदेमंद माना गया है।

Benefits Of Patharchatta: किडनी स्टोन (गुर्दे की पथरी) में लाभकारी
पत्थरचट्टा पत्तों का रस गुर्दे की पथरी को तोड़ने और पेशाब के रास्ते बाहर निकालने में बेहद असरदार माना जाता है। 5-6 ताजे पत्थरचट्टा के पत्तों को पीसकर उसका रस निकालें और रोज सुबह खाली पेट सेवन करें। यह उपाय 15–20 दिन तक किया जा सकता है या जब तक पथरी बाहर न आ जाए।
Also Read-Baghelkhandi Indrahar Recipe: बघेलखंड का इंद्रहर खाकर चाट जाएंगे उंगलियां, जानिए रेसिपी…
घाव और जलन में उपयोगी
इसकी पत्तियों में एंटीसेप्टिक और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो घाव को जल्दी भरने और जलन को शांत करने में मदद करते हैं। पत्तों को हल्का गर्म करके घाव या जले हुए स्थान पर लगाने से तुरंत राहत मिलती है।
Also Read-These flower good for health: सर्दी जुकाम से लेकर वजन घटाने तक में फायदेमंद है ये फूल!
सूजन और दर्द में राहत
जोड़ों में सूजन, मांसपेशियों में खिंचाव या दर्द हो तो पत्थरचट्टा के पत्ते एक बेहतरीन घरेलू उपचार हैं। पत्तों को गर्म करके सेंधा नमक लगाकर दर्द वाली जगह पर बांधें।
ब्लड प्रेशर करें कंट्रोल
पत्थरचट्टा में मौजूद पोटैशियम और दूसरे पोषक तत्व हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं।
1 चम्मच रस दिन में एक बार पिएं। इससे शरीर का इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बना रहता है।
