Benefits Of Bitter Gourd: करेला, जिसे अंग्रेजी में ‘Bitter Gourd’ कहा जाता है, भारतीय रसोई का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह न केवल अपने कड़वे स्वाद के लिए जाना जाता है, बल्कि इसके स्वास्थ्य लाभ भी अत्यधिक हैं। हालांकि, इसके सेवन से जुड़े कुछ नुकसान भी हैं जिन्हें समझना आवश्यक है।
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करेले के प्रमुख स्वास्थ्य लाभ…
डायबिटीज नियंत्रण में सहायक…
करेला रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है। इसमें मौजूद ‘चारेंटिन’ और ‘मोरोडिसिन’ जैसे यौगिक इंसुलिन के समान कार्य करते हैं, जिससे ब्लड शुगर कम होता है। डायबिटीज के मरीजों के लिए यह एक प्राकृतिक सहायक है।

वजन घटाने में सहायक..
करेला में कम कैलोरी और उच्च फाइबर होता है, जो भूख को नियंत्रित करता है और वजन घटाने में मदद करता है। इसके नियमित सेवन से शरीर की अतिरिक्त चर्बी कम होती है।
पाचन तंत्र को मजबूत बनाएं..
करेला कब्ज, गैस, खट्टी डकार, और बदहजमी जैसी पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करने में सहायक होता है। इसमें फास्फोरस की पर्याप्त मात्रा पाई जाती है, जो पाचन को बेहतर बनाती है।
त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद…
करेला का रस त्वचा पर लगाने से मुंहासे और अन्य त्वचा रोगों में राहत मिलती है। इसके अलावा, यह बालों के विकास को भी बढ़ावा देता है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए…
करेला में विटामिन C और एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं और संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं।

करेले के संभावित नुकसान…
गर्भावस्था में हानिकारक..
गर्भवती महिलाओं को करेला का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसमें मौजूद यौगिक गर्भाशय को उत्तेजित कर सकते हैं और गर्भपात का खतरा बढ़ा सकते हैं।
पाचन संबंधी समस्याएं..
अधिक मात्रा में करेला खाने से डायरिया, उल्टी, और पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। यह विशेष रूप से बच्चों और संवेदनशील व्यक्तियों में अधिक देखा जाता है।

लिवर पर प्रभाव..
करेला में ‘लेक्टिन’ नामक तत्व होता है, जो लिवर की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर सकता है। लिवर से संबंधित समस्याओं वाले व्यक्तियों को इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए।
ब्लड शुगर में अत्यधिक गिरावट..
करेला रक्त शर्करा को कम करता है, लेकिन अत्यधिक सेवन से हाइपोग्लाइसीमिया (लो ब्लड शुगर) हो सकता है, विशेष रूप से उन व्यक्तियों में जो डायबिटीज की दवाएं ले रहे हैं।
बीज का सेवन…
करेला के बीज में ‘लेक्टिन’ नामक विषैला तत्व पाया जाता है। अधिक मात्रा में इसके सेवन से पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

करेले का सेवन कैसे करें?
1. जूस के रूप में: सुबह खाली पेट करेले का जूस पीने से ब्लड शुगर नियंत्रित रहता है। हालांकि, इसका सेवन सीमित मात्रा में करें और डॉक्टर की सलाह लें।
2. सब्जी के रूप में: करेले की सब्जी, भरवा करेला, या अचार बनाकर भी सेवन किया जा सकता है। इसे तेल में भूनकर खाना पाचन के लिए बेहतर होता है।
3. पाउडर के रूप में: सूखा करेला पाउडर पानी के साथ लिया जा सकता है, जो जूस की तुलना में आसान विकल्प है।
