bastar olympic 2025 का शुभारंभ गुरुवार को इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम में हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आदिवासी समाज के युवाओं से कहा,”आपका मुख्यमंत्री आपके बीच का है, आपका भाई है। आप आगे बढ़ें, सरकार हर कदम पर आपके साथ खड़ी है।”
मुख्यमंत्री ने बस्तर संभाग के सातों जिलों और नुवाबाट के खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और उनके अद्भुत मार्चपास्ट प्रदर्शन को देखकर स्वयं मंत्रमुग्ध हो गए। युवाओं की ऊर्जा और खेल भावना ने पूरे स्टेडियम को रोमांचित कर दिया।
Read More-विधानसभा सत्र में विपक्ष धान से लेकर बिजली बढ़ोतरी को लेकर सरकार को घरेगा
bastar olympic 2025: बस्तर की ओर बढ़ रही विकास की धारा
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार बस्तर के गांव-गांव तक विकास की धारा पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि बस्तर अब शांति, समरसता और समृद्धि की ओर अग्रसर है और प्रदेश-देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे खेलों के माध्यम से आगे बढ़ें और अपनी प्रतिभा दिखाएं।
Read More-छत्तीसगढ़ के 6 यूनिवर्सिटी के साथ MoU, देश में पहली बार शुरू होगा ‘रक्षक पाठ्यक्रम’
bastar olympic 2025: मेडल विजेताओं के लिए बड़ी घोषणा
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि बस्तर ओलंपिक में गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को तीन-तीन करोड़, दो करोड़ और एक करोड़ रुपए की सम्मान निधि प्रदान की जाएगी।उन्होंने कहा कि ये खिलाड़ी आने वाले समय में युवाओं के लिए रोल मॉडल बनेंगे। सरकार उन्हें अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराएगी।
खेल अधोसंरचना को और मजबूत किया जाएगा
उप मुख्यमंत्री अरुण साथ ने कहा कि बस्तर ओलंपिक केवल खेल ही नहीं, बल्कि युवाओं को विकास की मुख्यधारा में शामिल करने का माध्यम है। उन्होंने आश्वासन दिया कि खेल अधोसंरचना को और मजबूत किया जाएगा ताकि खिलाड़ी उचित मंच पा सकें।विजय शर्मा ने भी कहा कि सरकार बस्तर के अंदरूनी इलाकों के युवाओं को अधिक अवसर दे रही है और भविष्य में यह पहल और सशक्त रूप में जारी रहेगी।
पद्मश्री एमसी मेरीकॉम ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया
इस अवसर पर वन मंत्री केवार कश्यप और ब्रॉन्ज मेडल सहित अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता पद्मश्री एमसी मेरीकॉम ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें शुभकामनाएं दीं।खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संचालक तनुज सलाम ने बताया कि बस्तर संभाग के सभी सात जिलों और नुवाबाट के लगभग तीन हजार पांच सौ खिलाड़ी इस प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे हैं।
