Barwani Foundation Day: बड़वानी। बड़वानी जिले के स्थापना दिवस पर रविवार को नर्मदा तट पर विविध आयोजनों के साथ भव्य उत्सव मनाया गया। नगर पालिका के नेतृत्व में सुबह से लेकर रात तक श्रद्धा, संस्कृति और स्वच्छता से जुड़े कार्यक्रमों की श्रृंखला जारी रही, जिसमें बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

Barwani Foundation Day: नर्मदा तट पर स्वच्छता अभियान
दिन की शुरुआत नर्मदा तट पर स्वच्छता अभियान से हुई। जनप्रतिनिधियों, नगरपालिका कर्मचारियों और नर्मदा भक्तों ने मिलकर घाट की सफाई की। इसके पश्चात पुराने फिल्टर प्लांट परिसर में स्थित नर्मदा परिक्रमा भवन के सामने पौधारोपण भी किया गया, जिससे पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
Barwani Foundation Day: विधिवत पूजन और अर्चन किया गया
सुबह 9 बजे मां नर्मदा का विधिवत पूजन और अर्चन किया गया। इसके बाद 1100 मीटर लंबी चुनरी को नाव द्वारा मां नर्मदा को अर्पित किया गया। इस विशेष आयोजन में नपाध्यक्ष अश्विनी चौहान, सीएमओ सोनाली शर्मा, निक्कू चौहान सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम ने धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं को सुंदर रूप में प्रस्तुत किया।
Barwani Foundation Day: आटे के दीपकों का उपयोग किया
शाम को नर्मदा घाट पर स्कूली बच्चों ने रंगोली और चित्रकला के माध्यम से अपनी रचनात्मकता प्रदर्शित की। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में स्थानीय कलाकारों ने पारंपरिक गीत और नृत्य प्रस्तुत किए। शाम 6:30 बजे आटे से बने हजारों दीपकों से दीपदान किया गया, जिससे घाट पर दिव्य प्रकाश फैला। सरदार सरोवर बांध से मछलियों की संख्या में वृद्धि के कारण पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए मिट्टी के बजाय आटे के दीपकों का उपयोग किया गया।
Barwani Foundation Day: मां नर्मदा की महाआरती का आयोजन
शाम 7 बजे होशंगाबाद से आए पंडितों द्वारा मां नर्मदा की महाआरती का आयोजन किया गया। इसके पश्चात हरबोला ब्रदर्स ने निमाड़ी भाषा में भक्ति संगीत की प्रस्तुति देकर माहौल को भावविभोर कर दिया। रात में रंग-बिरंगी आतिशबाजी के साथ समारोह का भव्य समापन हुआ।
Barwani Foundation Day: यादगार स्थापना दिवस का अनुभव दिया
सुबह 7 बजे से रात 8:30 बजे तक नर्मदा तट पर पूरे दिन उत्सव और भक्ति का माहौल बना रहा, जिसने बड़वानीवासियों को अपनी संस्कृति, प्रकृति और परंपरा से जोड़ते हुए एक यादगार स्थापना दिवस का अनुभव दिया।
