Barwani Central Jail: बड़वानी से एक गंभीर और ध्यान खींचने वाली खबर सामने आई है, जहां की केंद्रीय जेल अपनी निर्धारित क्षमता से कहीं अधिक कैदियों को समेटे हुए है।जेल अधीक्षक शैफाली तिवारी के मुताबिक, जेल की अधिकतम क्षमता 686 कैदियों की है, लेकिन वर्तमान में यहां 1225 कैदी बंद हैं। इनमें 40 महिला कैदी भी शामिल हैं। यह आंकड़ा स्पष्ट रूप से बताता है कि जेल व्यवस्था पर दबाव काफी बढ़ गया है और मौजूदा ढांचे से इतनी बड़ी संख्या को संभालना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।

Barwani Central Jail: कैदियों की संख्या निर्धारित क्षमता से अधिक
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के आधार पर मध्यप्रदेश सरकार ने पहल की है। सरकार ने जेल में चार नई बैरकों के निर्माण का कार्य शुरू कर दिया है, जो अक्टूबर 2025 तक पूरी होने की संभावना है। इन नई बैरकों के बन जाने से करीब 200 अतिरिक्त कैदियों को रखने की सुविधा विकसित हो जाएगी। हालांकि, इसके बाद भी कैदियों की संख्या निर्धारित क्षमता से अधिक बनी रहने की आशंका है।
Barwani Central Jail: सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखा जा रहा
गौरतलब है कि यह जेल वर्ष 1860 में स्थापित हुई थी और 2013 में इसे केंद्रीय जेल का दर्जा दिया गया। वर्तमान में यहां 22 बैरक हैं, जहां सिर्फ बड़वानी जिले ही नहीं, बल्कि आसपास के अन्य जिलों के कैदी भी रखे जाते हैं।जेल प्रशासन की ओर से सुरक्षा को लेकर विशेष प्रबंध किए गए हैं। पूर्व में जेल की दीवारों को और मजबूत किया गया था, और अब नई बैरकों में भी सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
Barwani Central Jail: सुविधाओं से सशक्त बनाना भी एक बड़ी ज़िम्मेदारी
यह भी उल्लेखनीय है कि कैदियों की बढ़ती संख्या ना सिर्फ सुरक्षा के लिहाज़ से चिंता का विषय है, बल्कि इससे स्वास्थ्य, भोजन और सुधार कार्यक्रमों पर भी असर पड़ता है।इसलिए प्रशासन और सरकार के सामने सिर्फ नई बैरकों का निर्माण ही नहीं, बल्कि पूरी जेल व्यवस्था को तकनीकी, मानव संसाधन और आधारभूत सुविधाओं से सशक्त बनाना भी एक बड़ी ज़िम्मेदारी है।
Barwani Central Jail: समग्र सुधार नीति से ही हल हो सकती है
संक्षेप में, बड़वानी केंद्रीय जेल में कैदियों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन यह चुनौती सिर्फ इन्फ्रास्ट्रक्चर से नहीं, बल्कि समग्र सुधार नीति से ही हल हो सकती है।
