Barwani banana export success: खबर मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले से है जहां ग्राम सेंगाव के किसान लोकेश मालवीया ने केले की खेती से एक नई मिसाल पेश की है। उन्होंने अपने खेत में G-9 प्रजाति के केले उगाकर ना सिर्फ स्थानीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी पहचान बना ली है। उनके खेत में तैयार हुए 13 इंच लंबे केलों की गुणवत्ता इतनी बेहतरीन है कि इन्हें ईरान और इराक तक भेजा गया है।

Barwani banana export success:
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12 एकड़ में तैयार किया केला, 22 लाख की हो चुकी है बिक्री
लोकेश मालवीया ने बताया कि उन्होंने 2012 में केले की खेती की शुरुआत की थी। पहले एक-दो एकड़ से शुरुआत की और अब 12 एकड़ में खेती कर रहे हैं। इस फसल में करीब 14 लाख रुपये का निवेश हुआ। खेत में करीब 20 हजार केले के पौधे लगाए गए हैं। अब तक वह 22 लाख रुपये से अधिक के केले बेच चुके हैं, और 8 लाख रुपये की उपज अभी और शेष है।
13 इंच लंबे और 200 ग्राम से ज्यादा वजनी केले
लोकेश के मुताबिक उनके खेत में उगने वाले केले औसतन 200 ग्राम से अधिक वजनी हैं और लंबाई 10 से 13 इंच तक होती है। इस वजह से इनकी मांग दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, ईरान और इराक जैसे बाजारों में तेजी से बढ़ी है। रिलायंस और मदर डेयरी जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड्स ने भी उनके केलों को खरीदा है।
पारंपरिक खेती छोड़ी, बीई के बाद अपनाई आधुनिक कृषि तकनीक

Barwani banana export success:
लोकेश पहले गेहूं, चना और गन्ने जैसी पारंपरिक फसलें उगाते थे, लेकिन मुनाफा कम और लागत ज्यादा थी। बीई की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने आधुनिक खेती की ओर रुख किया। टपक सिंचाई पद्धति और वैज्ञानिक तकनीकों से वह अब तीन गुना मुनाफा कमा रहे हैं।
बड़वानी से दिल्ली, दुबई और ईरान तक पहुंच रहा केला
Barwani banana export success: केला व्यापारी विनोद गिरासे ने बताया कि जिले में करीब 4,000 हेक्टेयर भूमि पर G-9 किस्म की केले की खेती हो रही है। यहां के केले स्वाद में मीठे और आकार में बड़े होने के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी लोकप्रिय हो रहे हैं। जिले के अधिकांश किसान टपक सिंचाई विधि से खेती कर रहे हैं, जिससे पानी की बचत भी हो रही है और उत्पादन भी बेहतर हो रहा है।
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