
निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा
बंसी बांध के ओवरफ्लो होने से चूड़ा तालुका के चूड़ा, गोखरवाला, भृगुपुर, सेजकापार, मोजदार, जामड़ी, और भोयका गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने इन गांवों के निवासियों को बांध के ऊपरी और निचले इलाकों तथा नदी तटों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है। साथ ही, लोगों से अपनी संपत्ति और पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने का आग्रह किया गया है। बांध से पानी के अचानक छोड़े जाने की संभावना को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमें तैनात कर दी हैं।
Bansi Dam Overflow: प्रशासन की तैयारियां
बंसी बांध के अनुभाग अधिकारी ने बताया कि भारी बारिश के कारण बांध के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की योजना बनाई है। आपदा प्रबंधन अधिकारी ने बताया कि चूड़ा तालुका के प्रभावित गांवों में राहत और बचाव कार्य के लिए टीमें तैयार हैं। इसके अलावा, ग्रामीणों को समय पर जानकारी देने के लिए स्थानीय स्तर पर अलर्ट सिस्टम लागू किया गया है। बारिश की स्थिति को देखते हुए तालुका स्तर के अधिकारियों को मुख्यालय न छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।
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भारी बारिश का प्रभाव
सुरेंद्रनगर जिले में भारी बारिश का इतिहास रहा है। वर्ष 2005 में भी लिंबडी तालुका के मुलबावला गांव में भारी बारिश के कारण एक घर ढह गया था, जिसमें एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई थी। उस समय भी जिले के सभी बांध ओवरफ्लो हो गए थे, और निचले इलाकों में सतर्कता बरतने की चेतावनी जारी की गई थी। वर्तमान स्थिति में भी, बंसी बांध के ओवरफ्लो होने से नदी तटों पर बसे गांवों में जलभराव और संपत्ति के नुकसान की आशंका बढ़ गई है। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों में और बारिश की संभावना जताई है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।
Bansi Dam Overflow: प्रशासन की अपील
स्थानीय प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे नदी तटों और निचले इलाकों में न जाएं और अपने परिवार, पशुओं, और संपत्ति को सुरक्षित स्थानों पर ले जाएं। बंसी बांध के ओवरफ्लो होने से उत्पन्न खतरे को देखते हुए प्रशासन ने नावों और बचाव उपकरणों को तैयार रखा है। साथ ही, प्रभावित गांवों में बिजली और संचार व्यवस्था की निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। ग्रामीणों से सहयोग की अपील करते हुए प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं।
दीपकसिंह वाघेला की रिपोर्ट
