Bansdih Silver Jubilee Celebration: उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद के बाँसडीह में स्थित मातृशक्ति स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जिसे शिक्षा का मंदिर कहा जाता है, ने अपने रजत जयंती वर्ष के अवसर पर एक भव्य आयोजन का सफलतापूर्वक समापन किया। इस अवसर पर प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन, पुस्तक विमोचन, मूर्ति अनावरण और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें जनपद के गणमान्य व्यक्तियों, शिक्षाविदों, छात्र-छात्राओं और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त, विधायिका केतकी सिंह, पूर्व मंत्री उपेंद्र तिवारी और जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीत कुमार गुप्ता उपस्थित रहे। इसके अलावा, जनपद के अन्य महाविद्यालयों के प्रबंधक, प्राचार्य और छात्र-छात्राएँ भी इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बने।
पुस्तक ‘युगधारा’ का विमोचन
कार्यक्रम की शुरुआत मातृशक्ति स्नातकोत्तर महाविद्यालय के परिसर में माँ सरस्वती की प्रतिमा के अनावरण के साथ हुई, जिसका उद्घाटन कुलपति प्रो. संजीत कुमार गुप्ता ने किया। इस दौरान सभी मुख्य अतिथि मंच पर मौजूद रहे और उन्होंने माँ सरस्वती की वंदना के साथ कार्यक्रम को शुभारंभ प्रदान किया। इसके पश्चात, महाविद्यालय की रजत जयंती के उपलक्ष्य में विशेषांक के रूप में प्रकाशित पुस्तक युगधारा का विमोचन मुख्य अतिथियों द्वारा किया गया।
Bansdih Silver Jubilee Celebration: छात्राओं ने गाए गीत
इस पुस्तक में महाविद्यालय के 25 वर्षों की गौरवशाली यात्रा, उपलब्धियों और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान को संकलित किया गया है। समारोह में महाविद्यालय की छात्राओं ने मधुर स्वरों में कुलगीत प्रस्तुत किया, जिसने उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया।
महाविद्यालय के संस्थापक एवं अध्यक्ष श्री ललन सिंह ने इस अवसर पर महाविद्यालय की प्रगति आख्या प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि मातृशक्ति स्नातकोत्तर महाविद्यालय की स्थापना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च शिक्षा को सुलभ बनाना और विशेष रूप से महिलाओं को सशक्त करना रहा है। श्री सिंह ने रजत जयंती समारोह के आयोजन के पीछे के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह आयोजन न केवल महाविद्यालय की उपलब्धियों का उत्सव है, बल्कि शिक्षा और संस्कृति के माध्यम से समाज को प्रगति के पथ पर ले जाने का एक संकल्प भी है।
पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह रहे मौजूद
मुख्य अतिथियों ने अपने संबोधन में विकसित भारत के निर्माण पर बल दिया। पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, आर्थिक और राजनीतिक समृद्धि का आधार शिक्षा और ज्ञान है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से आह्वान किया कि वे अपनी शिक्षा को न केवल व्यक्तिगत विकास के लिए, बल्कि राष्ट्र निर्माण के लिए भी उपयोग करें। विधायिका केतकी सिंह ने महिलाओं की शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षित नारी ही समाज की प्रगति की नींव है। पूर्व मंत्री उपेंद्र तिवारी ने महाविद्यालय के योगदान की सराहना की और कहा कि यह संस्थान ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का दीपक जला रहा है। कुलपति प्रो. संजीत कुमार गुप्ता ने अपने उद्बोधन में शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों के महत्व पर बल दिया और महाविद्यालय के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम में आए सभी अतिथियों का महाविद्यालय परिवार द्वारा ससम्मान स्वागत किया गया। उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किए गए, जो इस आयोजन की स्मृति को जीवंत रखेंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में छात्र-छात्राओं ने नृत्य, गायन और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिसे उपस्थित दर्शकों ने खूब सराहा।
यह रजत जयंती समारोह न केवल मातृशक्ति स्नातकोत्तर महाविद्यालय की 25 वर्षों की उपलब्धियों का उत्सव था, बल्कि शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक प्रगति के प्रति एक नया संकल्प लेने का अवसर भी प्रदान किया। इस आयोजन ने बलिया जनपद में शिक्षा के क्षेत्र में महाविद्यालय के योगदान को और अधिक मजबूती प्रदान की।
अमित कुमार की रिपोर्ट
