Bangladesh Protest: ढाका: बांग्लादेश की राजधानी ढाका में शुक्रवार को सरकारी कर्मचारियों और पुलिस के बीच जोरदार झड़प हुई। यह घटना मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के सरकारी आवास ‘जमुना’ के बाहर हुई, जहां कर्मचारी नौवें नेशनल पे स्केल को तुरंत लागू करने की मांग कर रहे थे।
यह प्रदर्शन ऐसे समय पर हुआ है जब देश में आम चुनाव केवल छह दिन दूर हैं। अगस्त 2024 में हुए हिंसक विरोध और संघर्ष के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को पद छोड़ना पड़ा था और वे भारत चली गई थीं। इसके बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए केयरटेकर सरकार बनाई गई थी।
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Bangladesh Protest: प्रदर्शनकारी शाहबाग से जमुना की ओर बढ़े
शुक्रवार सुबह देश के अलग-अलग हिस्सों से आए प्रदर्शनकारी पहले शहीद मीनार पर जमा हुए और फिर ‘जमुना’ की ओर मार्च करने लगे। वे नौवें नेशनल पे कमीशन की रिपोर्ट के आधार पर गजट जारी करने और वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए, “पेट में चावल नहीं, मुंह में विकास किस बात का।”
करीब साढ़े ग्यारह बजे, प्रदर्शनकारियों ने शाहबाग इलाके में पुलिस बैरिकेड तोड़ दिए और आगे बढ़ने लगे। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए वाटर कैनन, आंसू गैस, साउंड ग्रेनेड का इस्तेमाल किया और लाठीचार्ज भी किया। जमुना तक प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सेना के जवान भी तैनात किए गए।
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Bangladesh Protest: झड़प के दौरान घायल हुए कई लोग
झड़प के दौरान कई लोग घायल हुए और हालात तनावपूर्ण बने रहे। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मसूद आलम ने एक प्रदर्शनकारी से पूछा कि क्या वे चुनाव को बिगाड़ने के इरादे से जमुना आए हैं। सरकारी कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि अगर पुलिस की कार्रवाई जारी रही तो इसके गंभीर राजनीतिक नतीजे हो सकते हैं। एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि अगर हमले नहीं रुके तो वे चुनाव का बहिष्कार कर सकते हैं।
