रैली में श्रद्धालुओं को जान से मारने की धमकी की
बांग्लादेश के चटगांव में कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन हिफाजत-ए-इस्लाम ने जुमे की नमाज के बाद इस्कॉन के खिलाफ रैली निकाली। जिसमें इस्कॉन के भक्तों को पकड़ने और मारने के नारे लगाए गए थे। आंदोलनकारियों ने कहा कि अगर इस्कॉन पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया तो वे आंदोलन करेंगे। उन्होंने पांच नवंबर को हजारी लेन इलाके में हुई घटना में शामिल लोगों को गिरफ्तार करने और सजा देने की मांग की।
इस्कॉन के लिए सुरक्षा की मांग
मुस्लिम बिजनेसमैन उस्मान अली ने फेसबुक पर इस्कॉन को आतंकी संगठन बताया था। इससे हिंदू नाराज हो गए। उन्होंने 5 नवंबर को चटगांव के हजारी लेन इलाके में उस्मान की दुकान के सामने विरोध प्रदर्शन किया।
सेना ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया
इससे वे और भी नाराज हो गए। जिसमें 12 पुलिसकर्मी और कई हिंदू घायल हो गए। खबरों के मुताबिक अचानक रात में पुलिस और सेना हजारी लेन पहुंच गई और स्थानीय हिंदुओं के साथ मारपीट की। हजारी गली क्षेत्र में लगभग 25,000 लोग रहते हैं, जिनमें से 90% हिंदू हैं। इस्कॉन ने अपने श्रद्धालुओं की सुरक्षा की भी मांग की है।
इस्कॉन भक्तों को धमकी भरा वीडियो
इस्कॉन कोलकाता के उपाध्यक्ष राधारमण दास ने सोशल मीडिया पर लिखा, “हम बांग्लादेश में गंभीर स्थिति को लेकर बहुत चिंतित हैं। इस्लामिक कट्टरपंथी खुलेआम श्रद्धालुओं को पकड़ने, परेशान करने और फिर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। हम उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। इन हिंसक कृत्यों को रोकने के प्रयास किए जाने चाहिए।
कुछ दिन पहले चटगांव में इस्कॉन संगठन के सचिव चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी उर्फ चंदन कुमार धर के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया था। उन पर चटगांव के न्यू मार्केट में आजादी स्तंभ पर राष्ट्रीय ध्वज के ऊपर भगवा झंडा फहराने का आरोप था। इस झंडे पर ‘सनातनी’ लिखा हुआ था। बांग्लादेश में 5 अगस्त को शेख हसीना की सरकार गिर गई थी। तब से, अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर हमलों के 250 से अधिक मामले सामने आए हैं।
