हमलावरों ने पीट-पीट कर मार डाला, कपड़े उतार कर की बेरहमी!
बांग्लादेश की राजधानी ढाका में एक हिंदू व्यापारी की हत्या के बाद पूरे देश में भारी गुस्सा और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। 9 जुलाई को एक हिंदू कबाड़ व्यापारी लाल चंद सोहाग (39) की भीड़ ने मिटफोर्ड अस्पताल के पास पीट-पीट कर हत्या कर दी। रिपोर्ट्स के अनुसार, हमलावरों ने लाल चंद के सिर और शरीर को बुरी तरह कुचला, और उसे पत्थरों और ईंटों से पीटा। इससे भी आगे बढ़ते हुए, भीड़ ने लाल चंद के कपड़े उतारे और उन पर कूदते-नाचते हुए अपने आप को भीड़ के साथ शामिल किया।

हिंसा का कारण क्या था?
इस हिंसा के पीछे की असल वजह जबरन वसूली और कारोबारी विवाद को बताया जा रहा है, हालांकि अभी तक पूरी घटना के मकसद को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस ने इस मामले में 5 लोगों को गिरफ्तार किया है और 19 आरोपियों के नाम का खुलासा किया है। साथ ही 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी जांच की जा रही है।
हत्या के बाद का विरोध
लाल चंद की बहन मंजुआरा बेगम (42) ने घटना के बाद पुलिस में हत्या की शिकायत दर्ज कराई। इस पर बांग्लादेश में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। देशभर में छात्र संगठनों और नागरिक समूहों ने दोषियों को कठोर सजा दिलाने की मांग की है। वकील यूनुस अली अकंद ने रविवार को हाई कोर्ट में हाई लेवल कमेटी के गठन की मांग की।

क्या हो रही हैं मांगें?
इस हत्या के बाद देश भर में प्रदर्शन हो रहे हैं, और सजा की मांग को लेकर छात्र संगठन सक्रिय हो गए हैं। ढाका विश्वविद्यालय में राजू स्मारक के पास विरोध प्रदर्शन किया गया। सैकत आरिफ, छात्र फेडरेशन के अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि बीएनपी (बांग्लादेश नेशनल पार्टी) के नेताओं और कार्यकर्ताओं को नियंत्रित करने में विफलता की वजह से इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने कहा, “बीएनपी के नेता आपस में लड़ रहे हैं, और इसका असर देश में हो रही हिंसा पर पड़ा है।”
हिंदू नेताओं पर हमले बढ़े
बांग्लादेश में 2024 से हिंदू और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों पर हमले बढ़ गए हैं। इससे पहले, 19 अप्रैल 2024 को एक और हिंदू नेता भाबेश चंद्र रॉय (58) की हत्या की घटना सामने आई थी। भाबेश को उनके घर से अपहरण कर लिया गया था और बाद में उन्हें पीट-पीट कर मार डाला गया था। पुलिस के मुताबिक, भाबेश चंद्र रॉय को 4 हमलावरों ने अपहरण किया और उन्हें बेहद क्रूर तरीके से पीटा। बाद में उनकी मृत्यु हो गई।
बांग्लादेश में बढ़ते हमले और अल्पसंख्यकों का डर
बांग्लादेश में हिंदू समुदाय लगातार बढ़ते हमलों और हिंसा का शिकार बन रहा है। 2024 से अब तक इस समुदाय के खिलाफ घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ रही है। मीडिया रिपोर्ट्स और ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशंस के मुताबिक, बांग्लादेश में हिंदू व्यापारियों, नेताओं और नागरिकों पर बढ़ते हमले इसे गंभीर चिंता का विषय बना रहे हैं।
क्या प्रशासन लेगा सख्त कदम?
इस तरह की घटनाओं से यह सवाल भी उठता है कि बांग्लादेश का प्रशासन और सरकार इस पर कड़ी कार्रवाई करेगी या नहीं। क्या बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे?

बांग्लादेश में हिंदू व्यापारी की बेरहमी से हत्या ने पूरे देश में गुस्से की लहर पैदा कर दी है। इस घटना के बाद विरोध प्रदर्शन और सजा की मांग को लेकर पूरे बांग्लादेश में आक्रोश फैल गया है। इसने एक बार फिर से बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ बढ़ते हमलों को रेखांकित किया है। अब देखना यह होगा कि सरकार और प्रशासन इस मामले पर क्या कदम उठाते हैं और क्या इस तरह की हिंसा को रोकने के लिए ठोस उपाय किए जाएंगे।
