Bangladesh border infiltration: भारत की सीमाओं पर घुसपैठ को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं अब संसद में सरकार की ओर से दिए गए आंकड़ों ने तस्वीर काफी हद तक साफ कर दी है, चौंकाने वाली बात यह है कि बीते 11 सालों में सबसे ज्यादा घुसपैठ भारत-बांग्लादेश सीमा से हुई है जबकि भारत-चीन बॉर्डर से एक भी मामला दर्ज नहीं किया गया।
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लोकसभा में सरकार का खुलासा
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने मंगलवार को लोकसभा में लिखित जवाब देते हुए बताया कि 2014 से अब तक 7,528 घुसपैठिए भारत-बांग्लादेश सीमा के रास्ते देश में दाखिल हुए इसके मुकाबले भारत-पाकिस्तान सीमा से 425 घुसपैठिए और भारत-चीन सीमा से शून्य मामले सामने आए । ये आंकड़े दिखाते हैं कि भारत की पूर्वी सीमा सुरक्षा के लिहाज से सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
Bangladesh border infiltration: 2025 में भी नहीं थमी घुसपैठ
जनवरी से नवंबर तक के आंकड़े देखें तोसिर्फ 2025 की बात करें, तो तस्वीर और भी गंभीर नजर आती है बांग्लादेश बॉर्डर से 1,104 घुसपैठिए, पाकिस्तान सीमा से 32 म्यांमार सीमा से 95 और नेपाल-भूटान सीमा से 54 यानि हर महीने औसतन बांग्लादेश सीमा से सैकड़ों लोग अवैध रूप से भारत में घुसने की कोशिश कर रहे हैं।
