केन नदी का बढ़ा जलस्तर
पिछले कुछ दिनों से बांदा और आसपास के क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। केन नदी का जलस्तर खतरे के निशान 104 मीटर को पार कर 104.80 मीटर तक पहुंच गया है, जिससे नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। यमुना नदी का जलस्तर भी चिल्ला क्षेत्र में खतरे के निशान के करीब पहुंच रहा है। रविवार, 13 जुलाई 2025 को सुबह से ही प्रशासनिक अधिकारी नदी के किनारों का निरीक्षण कर रहे हैं। स्थानीय लोगों को नदी किनारे जाने से मना किया गया है, और निचले इलाकों में रहने वालों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

Banda Heavy Rainfall: प्रशासन की तैयारियां
जिलाधिकारी जे. रीभा के नेतृत्व में जिला प्रशासन ने संभावित बाढ़ से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और आपदा प्रबंधन टीमों के साथ समन्वय करने के निर्देश दिए गए हैं। नदी किनारे के गांवों में लेखपालों को स्थिति की निगरानी के लिए तैनात किया गया है, जबकि स्वास्थ्य विभाग की टीमें किसी भी आपात चिकित्सा स्थिति के लिए तैयार हैं। प्रशासन ने 24×7 नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं, जहां से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है। आपदा प्रबंधन टीमों को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है, और जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू करने के लिए संसाधन तैयार हैं।

बाढ़ का खतरा
Banda Heavy Rainfall: जिला प्रशासन ने बाढ़ की संभावना को देखते हुए एक बाढ़ पैमाना जारी किया है, जिसमें नदी के जलस्तर, खतरे के निशान, और संभावित प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी शामिल है। ग्रामीण क्षेत्रों में चौपाल लगाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की है। इसके अलावा, आपातकालीन संपर्क नंबर और ईमेल पते जारी किए गए हैं, ताकि लोग किसी भी संकट की स्थिति में तुरंत मदद मांग सकें। हाल ही में, भारी बारिश के बीच तीन लोगों को टापू पर फंसने के बाद पुलिस और आपदा प्रबंधन टीम ने सुरक्षित निकाला
साकेत अवस्थी की रिपोर्ट
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