BANASKANTHA NEWS: बनासकांठा जिले के भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे नाडाबेट क्षेत्र में “ऑपरेशन शील्ड” के अंतर्गत सुरक्षा तैयारियों को परखने के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस ड्रिल के बाद शनिवार की रात 7:45 बजे से 8:15 बजे तक वाव-सुईगाम क्षेत्र के 121 गांवों में एक संगठित ब्लैकआउट किया गया।

BANASKANTHA NEWS: सार्वजनिक स्थलों की सभी लाइटें बंद कर दीं
ब्लैकआउट प्रक्रिया के तहत वाव तालुका के 78 गांव और सुइगाम तालुका के 43 गांव शामिल रहे। ब्लैकआउट की सूचना देने के लिए निर्धारित समय पर सायरन बजाए गए, जिससे लोगों को अलर्ट किया गया। स्थानीय निवासियों ने प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पूरी तरह से पालन करते हुए अपने घरों, दुकानों, स्ट्रीट लाइट्स और अन्य सार्वजनिक स्थलों की सभी लाइटें बंद कर दीं।
BANASKANTHA NEWS: नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके
यह अभ्यास संभावित आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिक और प्रशासनिक प्रतिक्रिया की प्रभावशीलता को परखने के उद्देश्य से किया गया था। सीमावर्ती क्षेत्रों में ब्लैकआउट जैसे अभ्यास यह सुनिश्चित करते हैं कि किसी संकट या हमले की स्थिति में दुश्मन को रोशनी के माध्यम से लक्ष्य भेदने में कठिनाई हो और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
आपात स्थितियों के प्रति सजग और जागरूक
इस सफल अभ्यास में स्थानीय ग्राम पंचायतें, पुलिस प्रशासन, तालुका अधिकारी और आम नागरिकों का सराहनीय सहयोग रहा। मॉक ड्रिल के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था या दुर्घटना की सूचना नहीं मिली, जिससे यह स्पष्ट होता है कि स्थानीय लोग आपात स्थितियों के प्रति सजग और जागरूक हैं।
तंत्र दोनों पूरी तरह से तैयार रहें
“ऑपरेशन शील्ड” के अंतर्गत किया गया यह ब्लैकआउट अभ्यास न सिर्फ सुरक्षा बलों की तैयारियों का आकलन था, बल्कि नागरिक सुरक्षा को लेकर जनजागरूकता का भी परिचायक है। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी इस तरह के अभ्यास समय-समय पर जारी रहेंगे, ताकि सीमावर्ती इलाकों में हर आपात स्थिति से निपटने के लिए जन और तंत्र दोनों पूरी तरह से तैयार रहें।
