अनुमति के सार्वजनिक आयोजन बंद
जिला मजिस्ट्रेट सुशील कुमार यादव ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि बिना अनुमति के आयोजित होने वाले सार्वजनिक आयोजनों में भारी भीड़ जुटने और आयोजकों द्वारा समुचित व्यवस्थाओं के अभाव के कारण बड़े हादसों का खतरा रहता है। ऐसे आयोजनों से जान-माल के नुकसान की संभावना बढ़ जाती है, जिससे साम्प्रदायिक सद्भाव और कानून व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इस आदेश के तहत जिले के सभी उपखंड अधिकारियों, पुलिस उपाधीक्षकों, तहसीलदारों और थानाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में बिना अनुमति के किसी भी सार्वजनिक सभा, शोभायात्रा, रैली, जुलूस, धरना, प्रदर्शन, धार्मिक कार्यक्रम या मेला आयोजन को रोकें। हालांकि, शादी समारोह और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों को इस आदेश से छूट दी गई है।
Balotra public events ban: अनुमति प्रक्रिया और जिम्मेदारी
आदेश के अनुसार, गृह विभाग, राजस्थान सरकार के निर्देशानुसार संबंधित उपखंड अधिकारी और उपखंड मजिस्ट्रेट अपने क्षेत्र में सार्वजनिक आयोजनों की अनुमति प्रदान करने के लिए अधिकृत होंगे। आयोजकों को इन आयोजनों के लिए नियमानुसार अनुमति लेना अनिवार्य होगा। यदि कोई आयोजन बिना अनुमति के किया जाता है और उस दौरान कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी आयोजकों पर होगी। ऐसे मामलों में आयोजकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह प्रावधान आयोजनों के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए लागू किया गया है।
हादसे रोकने के लिए उठाया कदम
इस आदेश का मुख्य उद्देश्य बालोतरा जिले में शांति और सुरक्षा को बनाए रखना है। बिना अनुमति के आयोजनों से उत्पन्न होने वाली अव्यवस्था और संभावित हादसों को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। यह कदम न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि आमजन में सुरक्षा की भावना को भी बढ़ाएगा।
