Ballia Maharana Pratap Jayanti: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में 10 मई 2025 को महाराणा प्रताप की 485वीं जयंती बड़े ही उत्साह और भव्यता के साथ मनाई गई। इस अवसर पर स्थानीय लोगों ने शौर्य यात्रा का आयोजन किया, जिसमें बड़ी संख्या में युवा, बुजुर्ग और विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोग शामिल हुए। इस दौरान लोगों ने महाराणा प्रताप की वीरता और शौर्य को याद करते हुए उनके योगदान को हिंदू समाज और भारतीय इतिहास में एक मील का पत्थर बताया।
सेना के साथ देश
हाल ही में भारत द्वारा पाकिस्तान पर किए गए हमले को लेकर भी युवाओं ने खुशी जाहिर की और इसे देश की ताकत का प्रतीक बताया।
शौर्य यात्रा में उत्साह दिखा। महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर बलिया में आयोजित शौर्य यात्रा में लोगों का उत्साह देखते ही बनता था।
भारत माता के जयकारों से गूंजा बलिया
यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी, जिसमें प्रतिभागियों ने महाराणा प्रताप के चित्रों और बैनरों के साथ नारे लगाए। “महाराणा प्रताप अमर रहें” और “भारत माता की जय” जैसे नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। इस दौरान लोगों ने बताया कि महाराणा प्रताप ने केवल क्षत्रिय वंश के लिए नहीं, बल्कि पूरे हिंदू समाज की रक्षा के लिए अपने जीवन में कई बलिदान दिए। उनकी वीरता आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
महाराणा प्रताप: इतिहास के स्वर्णिम पन्नों का नायक
महाराणा प्रताप का नाम भारतीय इतिहास में एक ऐसे योद्धा के रूप में दर्ज है, जिन्होंने कभी भी अन्याय के सामने सिर नहीं झुकाया। 1540 में जन्मे महाराणा प्रताप ने मुगल शासक अकबर के खिलाफ हल्दीघाटी के युद्ध में अपनी वीरता का परिचय दिया था। उनकी वफादार घोड़ी चेतक की कहानी भी इतिहास में अमर है, जिसने अपने प्राणों की बाजी लगाकर महाराणा को युद्ध से सुरक्षित निकाला। बलिया में आयोजित इस समारोह में लोगों ने महाराणा की इन कहानियों को याद करते हुए उनके जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही।
Ballia Maharana Pratap Jayanti: लोगों ने क्या कहा?
युवा नेता देवेश कुमार सिंह ने कहा, “महाराणा प्रताप हमारे लिए एक आदर्श हैं। उन्होंने कभी हार नहीं मानी और अपने सिद्धांतों के लिए लड़ते रहे। आज के युवाओं को उनसे सीख लेने की जरूरत है। साथ ही, भारत द्वारा पाकिस्तान पर हालिया हमला हमारी ताकत को दर्शाता है, और हमें गर्व है कि हमारा देश इतना सशक्त है।”
पूर्व सैनिक रमेश सिंह ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “मैंने सेना में रहते हुए देश की सेवा की है। महाराणा प्रताप जैसे वीरों की कहानियां हमें हमेशा प्रेरित करती हैं। आज का दिन हमें याद दिलाता है कि हमें अपने देश और संस्कृति की रक्षा के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए।”
युवा नेता अवनीश प्रताप सिंह ने कहा, “महाराणा प्रताप ने हमें स्वाभिमान और साहस की शिक्षा दी। उनकी जयंती का उत्सव हमें एकजुट करता है और हमारे भीतर देशभक्ति की भावना को जागृत करता है।”
वहीं, स्थानीय निवासी बबुआ जी सिंह ने कहा, “यह हमारा सौभाग्य है कि हम बलिया में इस तरह के आयोजन का हिस्सा बनते हैं। महाराणा प्रताप की जयंती हमें हमारी जड़ों से जोड़ती है।”
अमित कुमार की रिपोर्ट
