Baghpat triple murder case: बागपत के गांगनोली गांव की मस्जिद में शनिवार को एक भयावह घटना ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया। जानकारी के अनुसार, मौलाना इब्राहिम की पत्नी इसराना (30) और उनकी दो बेटियों सोफिया (5) और सुमैय्या (2) की हत्या उनके ही छात्रों ने की। वारदात में शामिल दोनों आरोपी नाबालिग थे, जिनकी उम्र क्रमशः 14 और 15 वर्ष बताई जा रही है।
मासूमों और पत्नी की हत्या का कारण शुरू में एक साधारण विवाद था। सुबह 9 बजे मौलाना ने अपनी पढ़ाई में गड़बड़ी करने के आरोप में दोनों छात्रों को पीटा। इस घटना के कुछ घंटे बाद, छात्रों ने बदला लेने का नापाक निर्णय लिया और दोपहर 1 बजे मस्जिद में घुसकर हथौड़े और चाकू से तीनों की निर्मम हत्या कर दी।

पढ़ाई की पिटाई से ट्रिपल मर्डर तक
वारदात की शुरूआत शनिवार सुबह हुई, जब मौलाना इब्राहिम ने छात्रों को पढ़ाई में ग़लतियां करने पर फटकार लगाई और उन्हें पीटा। इसके बाद मौलाना अफगानी विदेश मंत्री मुत्तकी के स्वागत के लिए देवबंद चले गए।
दोनों छात्र इस घटना से इतना गुस्से में थे कि उन्होंने पिटाई का बदला लेने की योजना बनाई। दोपहर 1 बजे, आरोपी छात्र मस्जिद में प्रवेश कर गए और मौलाना के कमरे के ऊपर बने कमरे में घुस गए। वहां मौलाना की पत्नी और उनकी दोनों बेटियां सो रही थीं।
आरोपी छात्रों ने सोते हुए हथौड़े से हमला कर तीनों की हत्या कर दी। इसके बाद, उन्होंने सुनिश्चित करने के लिए चाकू से गला रेत दिया, ताकि कोई भी जिंदा न बचे। घटना के तुरंत बाद, आरोपी छात्र फरार हो गए और बाद में मस्जिद में आकर रोने और हंगामा करने का नाटक किया।

Baghpat triple murder case: हत्याकांड का खुलासा
वारदात के बाद दोपहर 2 बजे, मस्जिद में नमाज़ पढ़ने के लिए लोग आए। उन्होंने मौलाना को आवाज दी, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। लोग पहली मंजिल पर गए, तो कमरे से खून बहता हुआ दिखाई दिया। दरवाजा खोला गया, तो अंदर मौलाना की पत्नी और बेटियों की खून से लथपथ लाशें पड़ी थीं।
इस हृदयविदारक दृश्य ने वहां मौजूद लोगों को स्तब्ध कर दिया। सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और मस्जिद के लोग इकट्ठा हो गए और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। लोग आरोपी छात्रों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे।
सीसीटीवी फुटेज और नाबालिगों की गिरफ्तारी
मस्जिद परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि आरोपी छात्र दोपहर 12.30 बजे मस्जिद में घुसते हुए दिखे। इसके बाद पुलिस ने दोनों छात्रों को हिरासत में ले लिया। शुरुआत में उन्होंने अपने जुर्म से इंकार किया, लेकिन सख्ती के बाद उन्होंने अपराध कबूल कर लिया।
पुलिस के अनुसार, दोनों नाबालिग शातिर थे और उन्होंने वारदात के बाद रोने का नाटक कर लोगों को भ्रमित करने की कोशिश की।

वारदात के दौरान मौलाना कहां थे?
घटना के समय मौलाना इब्राहिम घर पर नहीं थे। वह देवबंद में अफगानी विदेश मंत्री मुत्तकी के स्वागत के लिए गए हुए थे। आसपास के लोगों ने उन्हें घटना की सूचना दी, जिसके बाद वह तुरंत घर लौट आए।
मौलाना इब्राहिम खुद मुजफ्फरनगर के सुन्ना गांव के निवासी हैं और बागपत के गांगनोली गांव में मस्जिद चलाते हैं। वे न केवल मस्जिद में नमाज़ पढ़ाते हैं, बल्कि बच्चों को मदरसे में तालीम भी देते हैं।
Baghpat triple murder case: आगे की कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपी छात्रों ने जुर्म कबूल कर लिया है। अब उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। साथ ही, मामले की पूरी जांच के लिए फॉरेंसिक टीम और साइकोलॉजिस्ट की मदद ली जा रही है, ताकि पता लगाया जा सके कि आखिर किस मानसिक स्थिति में नाबालिगों ने ऐसा अपराध किया।
