Bageshwar Dham Shankaracharya response to foreign powers :हरियाणा में धीरेंद्र शास्त्री की पदयात्रा का छठवा दिन है, जिसमें वे करीब 16 किलोमीटर चलेंगे। यह यात्रा हिंदू संस्कृति, एकता और राष्ट्रवाद को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। इस दौरान उनके द्वारा दिए गए भाषण में कहा,कि विदेशी ताकतों का जवाब देना जरूरी है और इसके लिए हिंदू समुदाय को जागरूक और एकजुट होना होगा।
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, कि एक देशद्रोही के घर से विस्फोटक पदार्थ मिला। वह किसी आतंकवादी संगठन से जुड़ा था। दिल्ली में ब्लास्ट के बाद हमने गीत संगीत बंद करा दिया। विदेशी ताकतें हमें डराने के लिए ये सब कर रही हैं। हम सब भारतीयों को कदम से कदम मिलाकर इन्हें जवाब देना पड़ेगा।
यात्रा का स्वरूप
धीरेंद्र शास्त्री की यह पदयात्रा दिल्ली से शुरू होकर यूपी, हरियाणा और अन्य प्रदेशों से गुजरते हुए वृंदावन पहुंचेगी। यह यात्रा लगभग 150 किलोमीटर की है, जिसमें हजारों श्रद्धालु और समर्थक भाग ले रहे हैं। यात्रा का मुख्य उद्देश्य सनातन संस्कृति, हिंदू एकता और राष्ट्रवाद का संदेश प्रसारित करना है।
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विदेशी ताकतों को चुनौती
धीरेंद्र शास्त्री ने अपने भाषण में कहा कि भारत में विदेशी ताकतें अपनी जड़ें मजबूत कर रही हैं और उनका जवाब देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के माध्यम से हम राष्ट्र की शक्ति और संस्कृति का सम्मान जगाने का प्रयास कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का आह्वान किया है।
जनता और समर्थकों का समागम
इस पदयात्रा में बड़ी संख्या में समर्थक, संत और आम नागरिक शामिल हो रहे हैं। सोशल मीडिया और वीडियो प्लेटफार्म पर इन यात्राओं की झलकें वायरल हो रही हैं, जहां लाखों लोग बाबा धीरेंद्र के साथ चल रहे हैं। कई समर्थक विदेशी ताकतों के खिलाफ यह आंदोलन बता रहे हैं कि भारत की शक्ति उसकी संस्कृति और उसकी जनता में है।
धार्मिक और राजनीतिक महत्व
धीरेंद्र शास्त्री की इस पदयात्रा का धार्मिक और सामाजिक महत्व बहुत बड़ा है। यह यात्रा हिंदू संस्कृति के संरक्षण और राष्ट्रवाद का संदेश फैलाने का एक बड़ा प्रयास है। वहीं, कुछ राजनीतिक हलकों में भी इस यात्रा का समर्थन किया जा रहा है, जो भारत में हिंदू समाज की एकता को देखकर उत्साहित हैं।
इस छठवे दिन की यात्रा में, बाबा का संदेश है कि विदेशी ताकतों और आंतरिक विभाजन के खिलाफ एकजुट होना बहुत जरूरी है। यह यात्रा पूरे देश के हिंदू समाज के लिए एक जागरूकता का माध्यम बन चुकी है। हिन्दू धर्म के संरक्षण और भारत की सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने के लिए यह पदयात्रा जारी है
