बागेश्वर धाम की कथा के बीच अचानक माहौल गंभीर हो गया। मंच से जो आवाज गूंजी, वह सिर्फ प्रवचन नहीं था, बल्कि एक चेतावनी थी। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने ‘एपस्टीन फाइल्स’ का जिक्र करते हुए दुनिया भर में चल रहे बच्चों के शोषण और मानव तस्करी के खतरों पर खुलकर बात की, और सीधे-सीधे बड़े नामों पर सवाल उठा दिए। कथा सुनने आए श्रद्धालु उस वक्त चौंक गए, जब बाबा बागेश्वर ने कहा कि दुनिया में जितने बड़े और चमकदार चेहरे दिखते हैं, उनके कारनामे उतने ही काले भी हो सकते हैं.
मंच से एपस्टीन फाइल्स का जिक्र
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर इन दिनों धाम परिसर में कथा सुना रहे हैं। इसी दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित ‘एपस्टीन फाइल्स’ का हवाला दिया। शास्त्री ने कहा कि करीब 35 हजार पन्नों के इन दस्तावेजों में दुनिया के कई रसूखदार लोगों के नाम सामने आए हैं।
बिल गेट्स और डोनाल्ड ट्रंप का लिया नाम
कथा के दौरान पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बिल गेट्स और डोनाल्ड ट्रंप जैसे नामों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन फाइल्स में प्रभावशाली लोगों की कथित काली करतूतें दर्ज हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन लोगों ने मासूम बच्चियों तक को नहीं छोड़ा.शास्त्री ने कहा कि आठ-आठ साल की बच्चियों को नशे का आदी बनाकर जेफ्री एपस्टीन के निजी आइलैंड तक ले जाया जाता था, जहां उनके साथ अमानवीय कृत्य किए जाते थे। बाबा के मुताबिक, जो बातें सालों तक दबाई गईं, वे अब धीरे-धीरे दुनिया के सामने आ रही हैं।
शिष्य की बहन की आपबीती सुनाकर किया आगाह
शास्त्री ने अपने एक शिष्य की बहन के साथ हुई घटना का जिक्र भी किया। उन्होंने बताया कि उस लड़की को मॉडलिंग और टीवी में करियर बनाने का सपना दिखाया गया। बाद में उसे नशे का आदी बनाया गया और एक जहाज में बंद कर दिया गया.बाबा के अनुसार, दुबई भेजने के बहाने उस लड़की को गोवा के रास्ते बेचने की तैयारी थी, लेकिन समय रहते गिरोह पकड़ा गया और उसकी जान बच सकी। इस घटना के जरिए उन्होंने समाज को सतर्क रहने का संदेश दिया।
Also Read-अमेरिका के आरोपों से ड्रैगन की साजिश का खुलासा, चीन ने किया परमाणु परीक्षण!
“बेटियों को बचाना समाज की जिम्मेदारी”
कथा के अंत में बाबा बागेश्वर ने साफ कहा कि यह सिर्फ किसी एक देश या शहर की समस्या नहीं है। बेटियों को बचाने के लिए परिवार, समाज और सिस्टम, तीनों को एक साथ जागना होगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी लालच, चमक-दमक या झूठे सपनों के पीछे आंख मूंदकर भरोसा न करें।
