Badwani kisan News: बड़वानी जिले में बुधवार सुबह तेज आंधी, बूंदाबांदी और बिजली की गड़गड़ाहट ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। अंजड़ तहसील के गोलाटा, दतवाडा और मोहिपुरा गांवों में आंधी-तूफान ने किसानों की केले की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। सैकड़ों एकड़ में लगी फसल नष्ट होने से किसान हताश हैं और उन्होंने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी तेज हवाओं और हल्की बारिश की चेतावनी दी है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है।
बारिश ने उजाड़ी फसल
बुधवार तड़के बड़वानी में तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी हुई, जिसने शहर की बिजली व्यवस्था को ठप कर दिया। अंजड़ तहसील के कई गांवों में रात में चली आंधी ने केले की फसल को तहस-नहस कर दिया। किसान जितेंद्र सिंह मंडलोई ने बताया कि उनकी सैकड़ों एकड़ में लगी केले की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। इसी तरह, किसान बसंत सिंह सोलंकी ने कहा कि तेज हवाओं ने फसल को जड़ से उखाड़ दिया, जिससे उनकी सालभर की मेहनत बेकार चली गई।
Badwani kisan News: किसानों ने की मुआवजे की मांग
प्रभावित किसानों ने तहसील कार्यालय में आवेदन देकर प्रशासन से नुकसान का आकलन और मुआवजे की मांग की है। कृषि विज्ञान केंद्र की जिला कृषि मौसम इकाई के प्रभारी रवींद्र सिंह सिकरवार ने बताया कि बड़वानी में 7 से 11 मई तक मौसम अस्थिर रहेगा।
तेज बारिश की संभावना
इस दौरान हल्के से मध्यम बादल छाए रहेंगे, और अधिकतम तापमान 36-37 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 21-22 डिग्री सेल्सियस रहेगा। सुबह के समय हवा में नमी 70-76% और दोपहर में 43-49% रहने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञ के अनुसार, एक पूर्व-पश्चिमी ट्रफ के प्रभाव से 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, और गरज-चमक के साथ हल्की से तेज बारिश हो सकती है।
Badwani kisan News: मौसम इकाई ने किसानों को सलाह दी है कि वे केले, गन्ने जैसी लंबी और कमजोर तने वाली फसलों को सहारा दें, ताकि वे गिरने से बचे। गरज-चमक के दौरान खेतों में काम करने से बचें और तेज हवा या बिजली के संकेत मिलते ही सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। इसके अलावा, खेतों में पड़े फसल अवशेषों या घास में आग लगाने से बचें और फसलों में किसी भी प्रकार के छिड़काव से परहेज करें। खुले में रखी फसल को सुखाकर जल्द भंडारण करने की सलाह भी दी गई है।
आदित्य शर्मा की रिपोर्ट
