जिले के सिलावद का मामला
Barwani hostel for goats: एमपी अजब है,एमपी गजब है… खबर मप्र के बड़वानी जिले से है जहां लगभग दो करोड़ से बने छात्रावास में बच्चे नहीं बकरिया निवास करती हैं। पूरा मामला बड़वानी जिले से सिलावद में व्हाया अम्बापानी पर शांति पनिम स्कूल के समीप करीब पौने दो करोड़ रूपए की लागत से बनाया गया छात्रावास भवन लावारिश होकर दिनों दिन खस्ताहाल हो रहा है।
भवन बने तीन-चार हो गए
बनने के बाद से आज तक इस भवन का उपयोग नहीं हुआ। इस भवन को तीन-चार साल से भी अधिक का समय हो गया है,लेकिन इसका उपयोग आज तक नहीं हो सका है।
लावारिश हुआ छात्रावास
देखरेख और उपयोग के बिना लावारिश हो चुके छात्रावास भवन को शरारती तत्व नुकसान पहुंचा रहे हैं। करीब दो मंजिला बने इस भवन के पिछले हिस्से की दीवार को भी तोड़ दिया गया है। और भवन के अंदर बकरियां बांधी जा रही है।
छात्रावास के बारें में बताया बीजेपी मंडल अध्यक्ष

भाजपा मंडल अध्यक्ष अजय यादव ने बताया कि इस छात्रावास भवन की हालत दिनों-दिन खस्ता होती जा रही है। मुख्य मार्ग पर स्थित दो मंजिला इस भवन की खिड़कियों में लगे कांच टूट रहे हैं। वहीं भवन की छत और दीवारें भी कमजोर नजर आने लगी है। भवन की दीवारों के साथ ही छत और बाउंड्रीवाल का उखड़ता प्लास्टर इसके घटिया निर्माण की कहानी बयां कर रहा है।
बकरियों के साथ अन्य मवेशी भी छात्रावास में आते हैं नजर
छात्रावास भवन बनने के बाद से इसके मुख्य दरवाजों में ताले लगे पड़े हैं, लेकिन खिड़कियों के टूटे कांच वाले हिस्से से अंदर देखने पर परिसर में घास उगी दिखाई दे रही है। छात्रावास परिसर में बकरियों के साथ ही अन्य मवेशी विचरण और गंदगी करते आसानी से नजर आ जाते हैं।

सिलावद सरपंच आर. के. पटेल ने बताया कि बालिकाओं के लिए बनाया गया कन्या छात्रवास भवन बनकर तैयार था मगर छात्रवास संचालित नही किया गया। लावारिस अवस्था में पड़ा रहने के कारण असामाजिक तत्वों ने उसे खण्डर बना दिया।
प्रशासनिक अधिकारियों के संज्ञान में है मामला
आज भी बालिकाएं तीन किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल जाती है। बड़वानी SDM भूपेंद्र रावत ने बताया कि कलेक्टर के निर्देश के बाद मेने आरईएस विभाग के अधिकारी और डीपीसी के साथ उक्त छात्रवास भवन का निरीक्षण किया था।
Barwani hostel for goats: दो वर्ष पूर्व आरईएस विभाग को उक्त होस्टल स्थानन्तरित किया गया था। डीपीसी को निर्देशित किया गया कि हॉस्टल रिपेयर करवाकर इस सत्र में होस्टल शुरू किया जाए।
