Badrinath Temple temperature minus 16 degrees : उत्तराखंड के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बद्रीनाथ धाम में ठंड का प्रकोप बहुत बढ़ गया है। ताजा मौसम के अनुसार यहां का तापमान माइनस 16 डिग्री तक पहुंच चुका है। इस ठंड के कारण धाम में बहने वाली ऋषि गंगा नदी जम गई है तथा उसके साथ-साथ यहां के झरने और झीलें भी बर्फ की चादर में ढक गई हैं।
झरनों और झीलों का जमना
बद्रीनाथ धाम में जो झरने अक्टूबर-अगस्त में पूरी तरह तेज प्रवाह में थे, वे अब पूरी तरह बर्फीले हो चुके हैं। शेषनेत्र झील और बद्रीश झील भी जम चुकी हैं। इन जगहों पर बर्फ की मोटी परत जमा है, जो पर्यटकों और तीर्थयात्रियों के लिए बेहद खूबसूरत नजारा है। वहीं, बर्फीली हवाओं के कारण यात्रियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई पैदल मार्ग जमे होने की वजह से ब्लॉकेज का खतरा बना हुआ है।
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बर्फीली हवाओं से बढ़ी परेशानी
बर्फीली हवाओं के कारण शेषनेत्र झील, ऋषिगंगा के झरने और यहां बहने वाली नदियां जमने लगी हैं। स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं को अत्यधिक ठंड का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन की तैयारी और यात्रियों के लिए सलाह
बद्रीनाथ धाम के स्थानीय प्रशासन ने तीर्थयात्रियों से गर्म कपड़े रखने तथा मौसम की जानकारी लेकर आगमन की सलाह दी है। प्रशासन ने यात्रियों को चेतावनी दी है कि ठंड से बचाव हेतु सभी आवश्यक इंतजाम करें। धाम के कपाट 25 नवंबर को बंद होंगे, इसलिए इसके बाद तीर्थयात्रा का मार्ग बंद हो जाएगा।
इसके अतिरिक्त, प्रशासन ने आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय कर रखा है और इलाके में फायर फाइटर, मेडिकल कैंप और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
यह मौसम बद्रीनाथ धाम के लिए एक प्राकृतिक चुनौती है, जो यात्रियों के लिए सावधानी बरतने का संकेत है।
