Badrinath religious event rules: उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम में धार्मिक आयोजनों को लेकर सख्त नियम लागू कर दिए गए हैं। नगर पंचायत ने साफ कर दिया है कि बिना अनुमति कोई भी भंडारा, भागवत कथा या फिर विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जा सकेगा।

50 हजार तक जुर्माना
नए नियमों के तहत बिना अनुमति के आयोजन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। नगर पंचायत ने 50 हजार रुपये तक का जुर्माना तय किया है, जिससे अव्यवस्थित आयोजनों पर रोक लगाई जा सकेगी। हर साल यात्रा सीजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं, जिससे बिना अनुमति कई कार्यक्रम होते थे। अब इन पर नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाया गया है, ताकि बद्रीनाथ धाम में व्यवस्था और धार्मिक मर्यादा बनी रहे।
अव्यवस्थित आयोजनों पर रोक
नगर पंचायत ने का कि कोई भी धार्मिक आयोजन अब पूर्व अनुमति के बिना नहीं किया जा सकेगा। यदि कोई संस्था या व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता है तो उस पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। यह प्रावधान खासतौर पर यात्रा सीजन के दौरान आयोजनों को रोकने के लिए लागू किया गया है।
Badrinath religious event rules: 3 उपविधियां लागू
व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए नगर पंचायत ने 3 नई उपविधियां लागू की हैं। इनमें मांसाहार के परिवहन और उपयोग पर प्रतिबंध, झुग्गी-झोपड़ी और अस्थायी निर्माण पर नियंत्रण और स्वच्छता से जुड़े नियम शामिल हैं। इन नियमों के तहत धाम की पवित्रता और साफ-सफाई बनाए रखने पर जोर दिया गया है।
दिशा-निर्देश तय
भंडारा, भागवत कथा और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों के लिए अब दिशा-निर्देश तय किए गए हैं। अनुमति लेने के साथ चार्ज भी देना होगा, जिससे व्यवस्थाओं को बेहतर किया जा सके। इसके अलावा आयोजकों के लिए स्थायी और अस्थायी शौचालयों की व्यवस्था करना अनिवार्य है। इन सभी नियमों को गजट नोटिफिकेशन जारी होने के बाद पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा।
